Apr 23, 2026
बाबा केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खुले। वैदिक मंत्रों और जयकारों के साथ मंदिर के द्वार खोले गए। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी वहां मौजूद रहे।
Credit: The Sootr
वहीं बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खुले। भगवान विष्णु के इस धाम में भारी भीड़ उमड़ रही है। पूजा-पाठ के बाद भक्तों के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए।
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केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। हजारों क्विंटल फूलों की खुशबू से पूरी घाटी महक रही है। भक्तों ने कपाट खुलते ही भगवान के पहले दर्शन किए।
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केदारनाथ धाम मंदाकिनी नदी के पावन तट पर बसा हुआ है। वहीं बद्रीनाथ धाम अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। ये दोनों ही स्थान अध्यात्म और शांति का केंद्र हैं।
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दोनों धामों के कपाट अब अगले छह महीने तक खुले रहेंगे। सर्दियों में बर्फबारी के कारण इन मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं। अब भक्त अक्टूबर-नवंबर तक यहां दर्शन कर सकेंगे।
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चारधाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल को हुई। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट उसी दिन खोल दिए गए थे। अब चारों धामों में यात्रा विधिवत रूप से चल रही है।
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यात्रा पर जाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना बहुत जरूरी है। बुजुर्गों के लिए मेडिकल चेकअप की सुविधा भी दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
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