Sep 8, 2025
पंजाब के 23 जिलों के 2050 गांवों में 3,87,898 लोग बेघर हो गए हैं और 20 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। यह बड़ी संख्या बाढ़ के प्रभाव को दर्शाता है।
Credit: The Sootr
पंजाब सरकार ने अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 22,938 लोगों को सुरक्षित निकाला है, और सेना व एनडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं ताकि लोगों को जल्दी मदद मिल सके और उनकी जान बचाई जा सके।
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मथुरा में यमुना नदी का जलस्तर 500.02 फीट तक पहुँच चुका है, जो खतरे के निशान से ज्यादा है। इससे शहर के 1 किमी तक पानी फैल गया है। वृंदावन परिक्रमा मार्ग भी जलमग्न हो गया है।
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प्रशासन की चेतावनियों के बाद करीब 20 परिवार अपने घरों से पलायन कर चुके हैं, जबकि दशहरा घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है। श्रद्धालु अब जल पुलिस की मदद से घाट तक पहुँच रहे हैं।
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ताजमहल की सुरक्षा संरचना को बाढ़ के लिए पहले से तैयार किया गया था, जिससे इसकी सुरक्षा में कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, ताजमहल के पीछे की दीवार तक यमुना का पानी पहुँच चुका है और मेहताब बाग में पानी बह रहा है।
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हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में 366 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। (हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा) शिमला और कुल्लू में सामान्य से दोगुनी बारिश हुई, जिससे बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ गईं।
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में थराली में बादल फटने की घटना के बाद यमुना घाटी में शनिवार (6 सितंबर, 2025) को बादल फटने से नौगांव क्षेत्र में भारी और नुकसान हुआ
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राजस्थान के राजसमंद जिले में तेज बारिश के कारण नेशनल हाईवे-162 का आधा हिस्सा बह गया, जिससे सड़क यातायात के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
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