धनतेरस की रस्में

Aman Vaishnav

Oct 9, 2025

उत्तर भारत में धनतेरस

यह त्योहार पांच दिवसीय दीपावली का पहला और सबसे शुभ दिन माना जाता है। यह पर्व धन और समृद्धि के लिए नए सामान खरीदने की शुरुआत का प्रतीक है।

Credit: The Sootr

दक्षिण भारत की धनतेरस

दक्षिण भारत में दिवाली की मुख्य रौनक छोटी दिवाली पर होती है, (धनतेरस पूजा-विधि) इसलिए उनके लिए धनतेरस का दिन ज्यादातर उस बड़े त्योहार की तैयारी करने जैसा होता है।

Credit: The Sootr

लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की पूजा

उत्तर भारत में शाम को खास तौर पर माता लक्ष्मी, गणेश जी और धन के देवता कुबेर की पूजा होती है। लोग इन्हें धन और सुख-समृद्धि के लिए पूजते हैं।

Credit: The Sootr

भगवान धन्वंतरि की पूजा

दक्षिण भारत में माता लक्ष्मी की पूजा तो करते ही हैं, लेकिन इस दिन सेहत के देवता भगवान धन्वंतरि को पूजना ज्यादा जरूरी मानते हैं।

Credit: The Sootr

यमराज नाम का दीपक

उत्तर भारत में अकाल मृत्यु से बचने के लिए, घर के बाहर, खासकर दक्षिण दिशा में यमराज के नाम का एक दीपक जलाया जाता है।

Credit: The Sootr

दक्षिण भारत का यम दीपम

दक्षिण भारत में कुछ क्षेत्रों में यम दीपम होता है, लेकिन इसका उतना व्यापक या सार्वजनिक प्रचलन नहीं है जितना उत्तर भारत में होता है।

Credit: The Sootr

उत्तर भारत में खरीदारी की रस्म

उत्तर भारत में सोने-चांदी के आभूषण, नए बर्तन, और साथ ही झाड़ू खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, जो लक्ष्मी के घर में प्रवेश का प्रतीक है।

Credit: The Sootr

दक्षिण भारत की खरीदारी

दक्षिण भारत में सोने, चांदी और नए बर्तनों की खरीददारी होती है, पर झाड़ू खरीदने की परंपरा कम या न के बराबर है।

Credit: The Sootr

Thanks For Reading!

Next: पहले करवा चौथ पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, जानिए किन-किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी