दुर्गा अष्टमी की पूजा

Aman Vaishnav

Sep 30, 2025

वैष्णो देवी मंदिर (जम्मू-कश्मीर)

वैष्णो देवी माता मंदिर उत्तर भारत का सबसे बड़ा शक्तिपीठ है। नवरात्रि की अष्टमी पर, यहां लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं, जहां विशेष पूजा, हवन, और कन्या पूजन किया जाता है। यहाँ का माहौल अद्भुत श्रद्धा से भरा रहता है।

Credit: The Sootr

कालकाजी मंदिर (नई दिल्ली )

कालकाजी मंदिर, नई दिल्ली का एक बहुत ही पुराना और मशहूर मंदिर है। नवरात्रि की अष्टमी पर यहां मां महागौरी की पूजा के लिए भक्तों की जबरदस्त भीड़ आती है। इस दिन यहाँ भक्ति का अद्भुत माहौल रहता है।

Credit: The Sootr

असम में कामाख्या मंदिर

कामाख्या मंदिर, असम में स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक है। अष्टमी के दिन यहां तांत्रिक तरीके से विशेष पूजा-अनुष्ठान होते हैं। यह मंदिर अपनी खास पूजा विधि के कारण पूरे देश में जाना जाता है।

Credit: The Sootr

दक्षिनेश्वर काली मंदिर (कोलकाता )

दक्षिनेश्वर काली मंदिर, कोलकाता में दुर्गा पूजा का विश्व प्रसिद्ध केंद्र है। अष्टमी के दिन यहाँ संधि पूजा (जो अष्टमी और नवमी के बीच होती है) और काली पूजा का खास महत्व होता है। यह उत्सव भव्यता और भक्ति के लिए जाना जाता है।

Credit: The Sootr

चामुंडेश्वरी मंदिर (मैसूर)

चामुंडेश्वरी मंदिर, मैसूर की पहाड़ियों पर है। मैसूर का दशहरा (जो अष्टमी के समय होता है) यहाँ की पूजा को बेहद भव्य और ऐतिहासिक बनाता है। इस दिन देवी की आराधना का खास महत्व होता है।

Credit: The Sootr

ज्वाला देवी मंदिर (हिमाचल प्रदेश)

ज्वाला देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में है। यहां देवी की मूर्ति नहीं, बल्कि चमत्कारी अग्नि ज्योत की पूजा होती है। नवरात्रि में, खासकर अष्टमी पर, यहाँ दर्शन का बहुत खास फल माना जाता है।

Credit: The Sootr

मनसा देवी मंदिर (हरिद्वार)

मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार (उत्तराखंड) में गंगा किनारे स्थित एक बड़ा शक्तिपीठ है। (हरिद्वार की मनसा देवी ) नवरात्रि की अष्टमी पर यहाँ भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। इस दिन माता की विशेष आरती और पूजा से माहौल भक्तिमय हो जाता है।

Credit: The Sootr

Thanks For Reading!

Next: करवाचौथ 2025: मॉडर्न मंगलसूत्र या ट्रेडिशनल? ऐसे सीक्रेट गिफ्ट्स जो आपके व्रत को बनाएंगे सबसे स्पेशल