Aug 17, 2025
एमपी के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने उज्जैन में स्थित भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली श्री सांदीपनि आश्रम में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना और अभिषेक किया। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के मौके पर विशेष रूप से पूजा अर्चना की और इस पावन अवसर पर आयोजित आरती में भी श्रद्धापूर्वक भाग लिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर भगवान श्री कृष्ण से प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
Credit: The Sootr
भोपाल के 9 एकड़ भूमि में स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के दिन वृंदावन जैसा भव्य नजारा देखने को मिला। श्री कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में हजारों भक्तों ने श्री कृष्ण के दर्शन किए और मंदिर में चल रही भव्य पूजा-अर्चना में भाग लिया। भक्तों ने इस अवसर पर फलाहारी प्रसाद भी ग्रहण किया। सुबह से लेकर शाम तक लगभग 300 क्विंटल फलाहारी प्रसाद का वितरण किया गया, जिससे भक्तों का उत्साह और भक्ति भाव और भी गहरा हुआ।
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इंदौर के राजवाड़ा पर जन्माष्टमी का आयोजन धूमधाम से हुआ, जिसमें भक्तों का उत्साह देखने लायक था। गोपाल मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के लिए विशेष सजावट की गई और मंदिर परिसर में तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। मध्यरात्रि को भगवान श्री कृष्ण की महाआरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।
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ग्वालियर के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर में भगवान श्री कृष्ण का विशेष श्रृंगार 100 करोड़ रुपए कीमत के गहनों से किया गया। यह श्रृंगार भगवान के प्रति भक्तों की श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक था। मंदिर में इस भव्य आयोजन के दौरान हजारों भक्तों ने भगवान के दर्शन किए और श्रद्धा से पूजा अर्चना की। इस अद्वितीय श्रृंगार ने मंदिर में एक पवित्र और दिव्य वातावरण बना दिया।
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इस बार उज्जैन के गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव पर भगवान श्री कृष्ण का द्वारकाधीश स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया है। भगवान को सिंधिया राजघराने के 22 तोला सोने के आभूषणों से सुसज्जित किया गया, जो उनकी दिव्यता और ऐश्वर्य को और भी बढ़ा रहे थे।
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मध्यप्रदेश के रतलाम में 51 फीट ऊंची दही-हांडी बाँधी गई, जो इस आयोजन को और भी खास बनाती है। इस दही-हांडी को तिरंगे गुब्बारों से सजाया गया, जो देशभक्ति के रंग में रंगी हुई थी। श्री कृष्ण को 51 किलो तुलसी के पत्तों की माला चढ़ाई गई, जो उनकी पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
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