Nov 9, 2025
किसी भी तरह की दुर्घटना या चोट लगने पर, जहां डॉक्टरों ने फ्रैक्चर बता दिया हो, भक्त यहां आकर बजरंगबली की शरण में बैठ जाते हैं, 'नासे रोग हरे सब पीरा...' का जाप करते हुए।
Credit: The Sootr
मंदिर के पुजारीजी घायल व्यक्ति को प्रसाद के रूप में एक खास जड़ी-बूटी देते हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि यह जड़ी-बूटी स्वयं हनुमानजी की कृपा से प्राप्त होती है।
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इस बूटी की सबसे बड़ी खासियत और रहस्य यह है कि इसे मंदिर परिसर में ही ग्रहण करना होता है। ऐसा माना जाता है कि अगर इस बूटी को घर ले जाया जाए या बजरंगबली के समक्ष न खाया जाए, तो यह असर नहीं करती।
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जड़ी-बूटी खाने के बाद और बजरंगबली की कृपा से पीड़ित को धीरे-धीरे अपनी चोट में आराम मिलना शुरू हो जाता है। भक्तों का दावा है कि कुछ ही समय में फ्रैक्चर का नामोनिशान मिट जाता है।
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यहां मंगलवार और शनिवार को सबसे ज्यादा भीड़ होती है, क्योंकि ये दिन हनुमानजी (Doctor Hanuman) को समर्पित होते हैं। दूर-दूर से लाखों लोग अपनी टूटी हुई हड्डियां ठीक करवाने के लिए आते हैं।
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सबसे अच्छी बात यह है कि चमत्कारी हनुमानजी का मंदिर (कलयुग के राजा हनुमान) जड़ी-बूटी के बदले भक्तों से किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं लिया जाता है। इसके अलावा, जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों को यहां एक विशेष तेल भी दिया जाता है। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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