Nov 11, 2025
उज्जैन नगरी का सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध नाम अवंतिका नगरी था। पुराने समय में सभी लोग इसे इसी पवित्र नाम से जानते थे।
Credit: The Sootr
आज इस शहर को महाकाल की नगरी या उज्जैन के नाम से जाना जाता है। ऐसा इसलिेए क्योंकि यहां भगवान महाकालेश्वर का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग स्थित है।
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पुराणों और ग्रंथों के मुताबिक, अवंतिका को भारत की सात मोक्षदायिनी पुरियों में से एक माना गया है। इसीलिए उज्जैन सिंहस्थ 2028 में दर्शन करने का बहुत बड़ा पुण्य मिलता है।
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यह नगरी हर 12 साल में लगने वाले उज्जैन सिंहस्थ मेला के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए आते हैं।
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प्राचीन काल में अवंतिका शिक्षा और ज्ञान का भी एक बहुत बड़ा केंद्र थी। माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने यहीं पर सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी। यह सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में से एक थी।
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उज्जैन में ही भगवान काल भैरव (काल भैरव मंदिर) का प्राचीन मंदिर भी है। इन्हें इस नगरी का नगरपाल (रक्षक) कहा जाता है। उनकी कृपा से यहां सब मंगल रहता है।
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यह पवित्र शहर शिप्रा नदी के तट पर बसा है। नदी के घाटों पर स्नान करना खासकर सिंहस्थ के दौरान बहुत शुभ माना जाता है। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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