Mar 20, 2024
डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि, मोबाइल एप और वेब डैशबोर्ड त्रिनेत्र 2.0 को एंड्राइड और आईओएस मोबाइल एप के रूप में और कंप्यूटर पर वेब डैशबोर्ड के जरिए संचालित किया जा सकेगा। त्रिनेत्र 2.0 पुलिस को क्राइम संबंधित डेटा डिजिटाइज्ड करने की सुविधा देगा।
Credit: The Sootr
अब तक त्रिनेत्र में करीब 9 लाख 32 हजार अपराधिक डाटा डिजिटलाइज किया जा चुका है। इसका इस्तेमाल आने वाले चुनाव में ग्राउंड जीरो पर पुलिसकर्मी आसानी से चेकिंग के दौरान कर सकेंगे। इसकी सहायता से अपराधियों का मिलान कर सकेंगे।
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सभी पुलिस फोर्स को त्रिनेत्र 2.0 ऐप और वेब डैशबोर्ड के जरिए फेसिअल रिकॉजिनिशन की सुविधा मिलेगी। जिससे संदिग्ध को उसके फोटो के जरिए सर्च किया जा सकेगा। उदाहरण के लिए, किसी बड़े समारोह, बाजार में किसी संदिग्ध को तलाश करना हो तो वहां लगे कैमरों की मदद से खोज लिया जाएगा।
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डीजीपी के मुताबिक, पुलिस को हर अपराधी और उसके संबंधित अपराधियों की कुंडली सिर्फ एक क्लिक में प्राप्त करने की सुविधा देगा। त्रिनेत्र के क्राइम जीपीटी फीचर से अपराधी के बारे में या अपराध के बारे में सभी जानकारी सेकंड में प्राप्त की जा सकेगी।
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