Feb 21, 2024
मध्यप्रदेश में बिना जांच के सैकड़ों की संख्या में नर्सिंग कॉलेज खुले हैं। कॉलेज खोलने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। प्रदेश भर में फर्जी दस्तावेज के दम पर कॉलेजों को मान्यता दी गई है।
Credit: The Sootr
वहीं नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में कॉलेजों पर कार्रवाई के लिए हाई कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस आरके की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस एके पालीवाल की स्पेशल बैंच ने कमेटी को दायित्व भी सौंपे।
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कमेटी में आईएएस राधेश्याम जुलानिया और इंदिरा गांधी नेशनल ट्रायबल विवि अमरकंटक के कुलपति सदस्य होंगे। कोर्ट का कहना है कि अगर प्रदेश में कोई भी कॉलेज अयोग्य पाए गए हैं तो उनपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कोर्ट ने 3 से ज्यादा फैकल्टी डुप्लिकेशन होने पर हर फैकल्टी एक-एक लाख रुपए का जुर्माना कॉलेजों पर लगाने के आदेश जारी किए है।
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