डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम

Aman Vaishnav

Oct 15, 2025

पायलट बनने का सपना

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का शुरुआत से ही गणित और ज्ञान से बहुत लगाव था। उन्होंने आगे चलकर एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली। उनका सबसे बड़ा सपना फाइटर पायलट बनना था।

Credit: The Sootr

वैज्ञानिक बनने की यात्रा

1960 में, डॉ. कलाम ने DRDOऔर फिर ISRO में एक वैज्ञानिक के रूप में अपनी यात्रा शुरू की। यहां (पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का जन्मदिन ) उन्होंने भारत का पहला रॉकेट (SLV-III) बनाने में मुख्य रोल निभाया।

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मिसाइल मैन

डॉ. कलाम के नेतृत्व में ही 'अग्नि' और 'पृथ्वी' जैसी शक्तिशाली मिसाइलों का सफल परीक्षण हो पाया। इन शानदार उपलब्धियों के कारण ही उन्हें पूरे देश ने प्यार से "मिसाइल मैन ऑफ इंडिया" कहना शुरू कर दिया।

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मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार

1992 से 1999 के बीच, डॉ. कलाम ने प्रधानमंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में काम किया। इस दौरान, 1998 में हुए पोखरन-II परमाणु परीक्षणों में उनका योगदान सबसे खास था।

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राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम

वैज्ञानिक योगदान और अपने स्वभाव के कारण डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को 2002 में भारत का 11वां राष्ट्रपति चुना गया। (एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी)अब्दुल कलाम को प्यार से जनता के राष्ट्रपति कहा जाता था।

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