Apr 13, 2025
डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में हुआ था। वह अपने माता-पिता के चौदहवें और आखिरी बच्चे थे।
Credit: The Sootr
बाबा साहेब ने जातिवाद के खिलाफ संघर्ष करते हुए दलितों और पिछड़े वर्ग के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
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डॉ. अंबेडकर पहले भारतीय थे जिन्होंने विदेश से डॉक्टरेट की डिग्री और इकनॉमिक्स में एक डिग्री प्राप्त की। उनके पास कुल 8 डिग्रियां थीं।
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डॉ. अंबेडकर ने 64 विषयों में गहरी समझ और मास्टरी हासिल की थी। 2011 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार यह सबसे ज्यादा था।
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डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है क्योंकि उन्होंने संविधान तैयार किया और इसे लागू करने में मदद की। उनके संघर्ष और ज्ञान ने भारतीय समाज में न्याय और समानता की नींव रखी।
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डॉ. अंबेडकर ने भारतीय श्रमिकों के लिए काम करने के घंटों को 14 से घटाकर 8 घंटे करने की सिफारिश की, जो भारतीय श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम था।
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डॉ. अंबेडकर एक महान विद्वान और समाजसेवी थे, उनकी बुद्धिमत्ता और संघर्ष उन्हें अद्वितीय बनाते थे।
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उन्होंने जातिविहीन और वर्गविहीन समाज बनाने के लिए संघर्ष किया, क्योंकि जातिवाद और वर्ग ने इंसान को दलित बना दिया था।
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उनकी मृत्यु 6 दिसंबर 1956 को हुई और मरणोपरांत 1990 में उन्हें भारत रत्न से नवाजा गया।
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