जब दिल में दर्द हो और चेहरे पर मुस्कान, तो याद आती है Gulzar Sahab की ये शायरियां

Kaushiki

Aug 18, 2025

गुलजार साहब का जन्म 18 अगस्त 1934 को एक सिख परिवार में हुआ था

2GULZAR

Credit: The Sootr

वे एक फेमस हिंदी पोएट, लिरिसिस्ट और फिल्म प्रोडूसर हैं

3GULZAR

Credit: The Sootr

उन्होंने अपने करियर में कई अवार्ड्स जीते जिनमें नेशनल फिल्म अवार्ड्स शामिल हैं

4GULZAR

Credit: The Sootr

यहां उनके कुछ फेमस शायरियां हैं जो दिल को छू जाती हैं

5GULZAR

Credit: The Sootr

शाम से आंख में नमी सी है, आज फिर आप की कमी सी है

6GULZAR

Credit: The Sootr

कौन कहता है कि हम झूठ नहीं बोलते, एक बार खैरियत पूछ कर तो देखिए

7GULZAR

Credit: The Sootr

आइना आज फिर रिश्वत लेता पकड़ा गया, दिल में दर्द था और चेहरा हंसता हुआ पकड़ा गया

8GULZAR

Credit: The Sootr

कभी-कभी लगता है जैसे सब कुछ खो गया है, फिर भी एक उम्मीद बाकी है

9GULZAR

Credit: The Sootr

सिर्फ एक तू ही नहीं, हर कोई दूर है मुझसे

10GULZAR

Credit: The Sootr

तुझसे बिछड़कर तो ऐसा लगा, जैसे जिंदगी ने सांस लेना छोड़ दिया हो

11GULZAR

Credit: The Sootr

किताबों की तरह बहुत से अल्फाज हैं मुझमें और मैं सिर्फ खामोश रहता हूं

12GULZAR

Credit: The Sootr

Thanks For Reading!

Next: देखें दर्दनाक और प्रेरणादायक पलों को उजागर करने वाली दुनिया की 10 ऐतिहासिक तस्वीरें