Jan 10, 2026
इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ में 108 घोड़ों वाली भव्य शौर्य यात्रा का नेतृत्व करेंगे। ये एक किलोमीटर लंबी यात्रा भारतीय वीरता और सांस्कृतिक गौरव का एक अद्भुत प्रतीक होगी।
Credit: The Sootr
सोमनाथ की पावन धरती पर प्रधानमंत्री भव्य ड्रोन शो का आनंद लेंगे और मंदिर परिसर को निहारेंगे। साथ ही वे सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में विकास योजनाओं पर बैठक भी करेंगे।
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लगभग 2000 साल पुराने इस मंदिर ने अपनी अपार समृद्धि के कारण 1026 में विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनवी का पहला बड़ा हमला झेला था। गजनवी के विध्वंसकारी प्रयासों के बावजूद, सोमनाथ की पवित्र ज्योति और भक्तों का विश्वास कभी कम नहीं हुआ।
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सोमनाथ महादेव प्रजा और राजाओं के स्वाभिमान के प्रतीक हैं। इसलिए जब भी आक्रांताओं ने इसे तोड़ा, हिंदुओं ने मिलकर इसे फिर खड़ा किया। मंदिर का वर्तमान भव्य स्वरूप इसके आठवें नवनिर्माण का दिव्य परिणाम है।
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इतिहासकारों के मुताबिक, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के नवनिर्माण के लिए पहला दान पोरबंदर के सेठ नानजी कालिदास मेहता ने दिया था। उन्होंने उस समय कठिन परिस्थितियों में भी मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर समाज को नई दिशा दी थी।
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जनवरी 2026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले को पूरे 1000 वर्ष बीत चुके हैं। लेकिन मंदिर की भव्यता आज भी वैसी ही है। यह इतिहास सिखाता है कि समय के साथ पत्थर भले ही बदले हों लेकिन महादेव के प्रति सनातन धर्म की आस्था सदैव अमर और अविनाशी रही है।
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