महालया अमावस्या: पितरों को ऐसे करें प्रसन्न, जानें शुभ मुहूर्त और विधि
Aman VaishnavSep 19, 2025
पंचांग के मुताबिक पितृ पक्ष का समापन 21 सितंबर को होगा
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यह दिन महालया अमावस्या या सर्वपित्र अमावस्या कहलाता है
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महालया अमावस्या पितरों की तृप्ति के लिए अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन है
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श्राद्ध के लिए शुभ मुहूर्त कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल हैं
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कुतुप मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक है
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रौहिण मुहूर्त दोपहर 12:38 बजे से दोपहर 01:27 बजे तक है
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जिनको श्राद्ध की तिथि याद नहीं, वे इस दिन श्राद्ध कर सकते हैं
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21 सितंबर की रात को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगेगा
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यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा
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महालया के अगले दिन से ही शारदीय नवरात्रि शुरू होती है
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