Sep 18, 2025
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है और इनकी पूजा से भक्तों को शक्ति और स्थिरता का आशीर्वाद मिलता है।
Credit: The Sootr
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। इन्हें ज्ञान और शिक्षा की देवी माना जाता है, और इनकी पूजा से व्यक्ति के जीवन में अनुशासन और एकाग्रता आती है।
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नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। मान्यता है कि इनकी आराधना करने से भक्तों को सभी भय और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में शांति आती है।
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नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इन्हें सृष्टि की देवी माना जाता है और इनकी आराधना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि आती है।
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नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इन्हें भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता है और इनकी आराधना करने से भक्तों को मातृत्व का सुख और सुरक्षा मिलती है।
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नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विधान है। इन्हें रोगों का नाश करने वाली देवी के रूप में जाना जाता है, और इनकी आराधना करने से व्यक्ति स्वस्थ और निरोगी रहता है।
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नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इन्हें सभी प्रकार के मन के विकारों को दूर करने वाली और रोगों को ठीक करने वाली देवी माना जाता है।
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नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इनकी पूजा से रक्त संबंधी और हृदय रोगों का नाश होता है, (navratri 2025) जिससे व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी पाता है।
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नवरात्रि के नौवें और अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इनकी आराधना करने से व्यक्ति को बल, बुद्धि, और सही-गलत का विवेक मिलता है।
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