सोमनाथ मंदिर के 75 साल

Kaushiki

May 11, 2026

सोमनाथ अमृत महोत्सव

सोमनाथ मंदिर को आज किसी दुल्हन की तरह सजाया गया था। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए 75 ढोल और शंख बजाए गए। सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ा और 100 कन्याओं ने कलश नृत्य किया।

Credit: The Sootr

1860 किलो का विशाल कलश

मंदिर के शिखर पर चढ़ाया गया कलश बेहद खास और वजनी है। इसका कुल वजन 1860 किलो है और क्षमता 1100 लीटर की है। अत्याधुनिक क्रेन की मदद से इसे 90 मीटर ऊंचे शिखर पर रखा गया।

Credit: The Sootr

11 पवित्र तीर्थों के जल से हुआ कुंभाभिषेक

प्रयागराज, काशी और उज्जैन समेत 11 जगहों से जल लाया गया। इसी पावन जल से मंदिर के शिखर का शाही स्नान कराया गया। पीएम मोदी खुद इस ऐतिहासिक और धार्मिक पल के साक्षी बने।

Credit: The Sootr

कुंभाभिषेक का धार्मिक महत्व

कुंभाभिषेक का अर्थ है पवित्र कलश के जल से मंदिर को नहलाना। शास्त्रों के अनुसार यह मंदिर की आध्यात्मिक शक्ति को फिर जगाता है। आमतौर पर यह दक्षिण भारतीय मंदिरों में हर 12 साल में होता है।

Credit: The Sootr

सूर्य किरण टीम का एयर शो

जब पीएम मोदी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की पूजा कर रहे थे तब आसमान में करतब दिखे। वायुसेना की सूर्य किरण टीम ने मंदिर के ऊपर उड़ान भरी। विमानों से मंदिर और श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई।

Credit: The Sootr

सवा लाख आहुतियों का यज्ञ

समारोह के दौरान 51 ब्राह्मणों ने मिलकर विशेष रुद्र पाठ किया। महारुद्र यज्ञ में सवा लाख आहुतियां देकर विश्व कल्याण की प्रार्थना हुई। पूरा वातावरण शंख और डमरू की गूंज से पूरी तरह शिवमय हो गया।

Credit: The Sootr

सोमनाथ मंदिर का रहस्य

सोमनाथ मंदिर का रहस्य इसकी अक्षय शक्ति में है। मंदिर 17 बार नष्ट होने के बाद भी यह अपनी गरिमा के साथ खड़ा है। यहां का प्राचीन शिवलिंग चुंबकीय शक्ति से हवा में स्थित था, जो आज भी कौतूहल का विषय है।

Credit: The Sootr

Thanks For Reading!

Next: सिर्फ मुंह मीठा नहीं करता पान का पत्ता, शरीर के अंदर छिपी गंदगी को भी करता है साफ