Aug 4, 2025
आजकल बाजार में विभिन्न प्रकार की राखियां उपलब्ध हैं, लेकिन अक्सर ये दिखावे का हिस्सा बन जाती हैं। शास्त्रों के मुताबिक, राखी का उद्देश्य भावनाओं और सही मंत्रोच्चारण के साथ भाई की सुरक्षा बढ़ाना है।
Credit: The Sootr
पारंपरिक मोली से बनी राखी सबसे पवित्र मानी जाती है, जो भाई को नकारात्मक ऊर्जा से बचाती है। लाल और पीला रंग शक्ति, समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक होते हैं।
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रुद्राक्ष राखी भगवान शिव का आशीर्वाद और शांति का प्रतीक मानी जाती है, जबकि तुलसी से बनी राखी से भाई को लक्ष्मी और विष्णु की कृपा मिलती है। यह राखी भाई के जीवन में समृद्धि और मानसिक शांति लाती है।
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Raksha Bandhan सोने, चांदी, और तांबे से बनी राखियां समृद्धि और पवित्रता का प्रतीक होती हैं। हालांकि, इन्हें रक्षासूत्र की भावना से बांधना जरूरी है, न कि केवल दिखावे के लिए।
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आजकल कुछ बहनें बीज वाली और प्राकृतिक धागों से बनी राखियां पसंद करती हैं, जो पर्यावरण को बचाने का संकेत देती हैं। ये राखियां रिश्ते की मजबूती को भी दर्शाती हैं, क्योंकि बीज को गमले में बोकर बढ़ाया जा सकता है।
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मान्यता के मुताबिक, राखी बांधते समय "येन बद्धो बलि राजा" जैसे पौराणिक मंत्र का उच्चारण करने से राखी की शक्ति बढ़ जाती है। यह मंत्र भाई की सुरक्षा, सफलता और सुख-समृद्धि की कामना को सिद्ध करता है।
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रुद्राक्ष राखी भगवान शिव का आशीर्वाद और शांति का प्रतीक मानी जाती है, जबकि तुलसी से बनी राखी से भाई को लक्ष्मी और विष्णु की कृपा मिलती है। यह राखी भाई के जीवन में समृद्धि और मानसिक शांति लाती है।
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