Sep 13, 2025
बांके बिहारी मंदिर के इस ऐतिहासिक खजाने को खोलने के लिए कोर्ट के निर्देश पर एक हाई पावर्ड कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस सुरक्षा की मौजूदगी में इस पुरानी तिजोरी के कपाट खोले।
Credit: The Sootr
बहुत समय से लोग कहते थे कि खजाने में सोने-चांदी के सिक्के और कलश रखे हैं। पर जब खजाना खोला गया, तो अंदर से कोई खजाना नहीं मिला, बल्कि दो छोटे सांप और बिच्छू जैसे जीव-जंतु निकले।
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भगवान बांके बिहारी का यह खजाना आखिरी बार आज से 54 साल पहले, साल 1971 में खोला गया था। दावा किया जाता है कि जब पिछली बार खजाना खोला गया था, तब चांदी के शेषनाग, सोने के कलश और नवरत्न भी थे।
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इतनी सुरक्षा के बावजूद, खजाने से अभी तक कोई बड़ा या कीमती सामान नहीं मिला है। ( Mathura-Vrindavan) कुछ पीतल और लकड़ी का पुराना सामान मिला है, साथ ही एक चांदी का बर्तन मिला है।
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यह रहस्यमयी खजाना मंदिर के सबसे अंदर वाले हिस्से यानी गर्भगृह में है। यह भगवान बांके बिहारी के सिंहासन के ठीक नीचे मौजूद है।
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कमेटी के सदस्यों ने बताया कि अभी खजाने में कीमती चीजें नहीं मिली हैं, इसलिए दिवाली के बाद खजाने की खोज दोबारा शुरू होगी।
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