Feb 21, 2025
बता दें ये डांस करीब 24 घटें तक चला। डांस की शुरुआत 19 फरवरी को दोपहर 2:34 बजे हुई और 20 फरवरी को 2:43 बजे समाप्त हुई।
Credit: The Sootr
कलाकारों ने मोहिनीअट्टम, ओडिशी, कथक, भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी जैसी शास्त्रीय नृत्य शैलियों को प्रस्तुत किया।
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यह महोत्सव कंदरिया महादेव मंदिर और देवी जगदंबा मंदिर के बीच आयोजित हुआ। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने भी इस उपलब्धि को प्रमाणित किया।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि नृत्य केवल कला नहीं, बल्कि एक कथा कहने की विधा भी है। इस उपलब्धि से भारत की सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिलेगी।
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इस बार के महोत्सव में प्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना प्राची शाह सहित कई अंतरराष्ट्रीय डांसर भी शामिल हुए। महोत्सव के उद्घाटन पर कलाकारों को राज्य रूपंकर कला पुरस्कार भी दिए गए।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कलाकारों को सम्मानित किया और कहा कि नृत्य भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, जो कला और भक्ति को जोड़ता है।
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