Nov 8, 2025
यह मंदिर इंदौर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर गूर सांवेर गांव में स्थित है। यहां बजरंगबली (हनुमान जी की कृपा) की प्रतिमा सिर के बल उल्टी खड़ी है। इसे दुनिया की एकमात्र ऐसी प्रतिमा माना जाता है।
Credit: The Sootr
इस मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है। इसका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। माना जाता है कि यह प्रतिमा तब की है जब हनुमान जी पाताल लोक जा रहे थे।
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किंवदंतियां कहती हैं कि यहीं से हनुमान जी पाताल लोक गए थे। वे वहां से लंकापति रावण के भाई अहिरावण को हराकर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को वापस लाए थे।
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भक्तों का विश्वास है कि लगातार पांच मंगलवार यहां दर्शन करने से शत्रु पर विजय प्राप्त होती है। इसके अलावा, सरसों के तेल का दीपक लगाने पर भी शत्रु बाधाएं दूर होती हैं।
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जो कोई भी व्यक्ति इस मंदिर में आकर नारियल चढ़ाता है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। यहां पर हनुमान जी को चोला चढ़ाने से लोगों के बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं।
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मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाने की भी एक विशेष मान्यता है। पुजारी के मुताबिक, उल्टा स्वास्तिक बनाने पर लोगों की हर तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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मंदिर में अगर आप घी का दीपक लगाते हैं, तो यह सुख और समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है। यह रामायण काल का मंदिर आज भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है।
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