Oct 1, 2025
मंदसौर के लोग मानते हैं कि रावण की पत्नी मंदोदरी यहीं की बेटी थीं, इसलिए विजयादशमी पर रावण को दामाद (जमाई राजा) मानकर पूजा जाता है।
Credit: The Sootr
खानपुर क्षेत्र में एक 35 फीट ऊंची रावण की प्रतिमा स्थापित की गई है, (दशहरा) जो विशेष रूप से दशहरे के दिन पूजा-अर्चना के लिए प्रसिद्ध है।
Credit: The Sootr
नामदेव वैष्णव समाज में रावण की पूजा एक खास परंपरा है। कुछ स्थानों पर पूजा के बाद रावण का प्रतीकात्मक वध भी किया जाता है।
Credit: The Sootr
विदिशा के रावण ग्राम में रावण को 'रावण बाबा' के नाम से पूजा जाता है और उन्हें ग्राम देवता माना जाता है।
Credit: The Sootr
इस गांव में रावण का एक प्राचीन मंदिर है, जहां उनकी 10 फीट लंबी शयन मुद्रा में लेटी हुई प्रतिमा स्थापित है। यह प्रतिमा और मंदिर गांव की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर हैं।
Credit: The Sootr
विजयादशमी के दिन यहां रावण दहन नहीं होता, बल्कि लोग उनके ज्ञान और शिव भक्ति को याद करते हैं। कुछ स्थानों पर शोक भी मनाया जाता है।
Credit: The Sootr
Thanks For Reading!