Apr 16, 2024
चिट्टी (GMC Bhopal) में किसी भी रेजिडेंस डॉक्टर के नाम का उल्लेख नहीं है। लेटर में लिखा है कि जिस किसी को भी ये लेटर मिला, उसे विषैला नमस्कार। जीएमसी (GMC Bhopal) (हमीदिया अस्पताल) में दिन-रात, हम जहरीली सांस ले रहे हैं। हम काफी समय से इस जहरीली संस्कृति का हिस्सा बने हुए हैं। हमने सोचा था कि डॉक्टरों की शहादत के बाद कुछ बदल जाएगा, लेकिन चीजें अभी भी वैसी ही हैं।
Credit: The Sootr
अस्पताल में बिना सोए 24 घंटे से ज्यादा समय तक (कभी-कभी 36 घंटे से ज्यादा) लगातार काम करना पड़ता है। बिना छुट्टी लिए काम के बावजूद गलतियां नहीं होने पर भी सीनियर्स और एडवाइजर्स मौखिक दुर्व्यवहार करते हैं। कुछ कहते हैं, तो धमकाते हैं। कहते हैं- "चुप रहो, नहीं तो परीक्षा में पास नहीं होंगे" और "डिग्री डिप्लोमा नहीं दिया जाएगा"।
Credit: The Sootr
चिट्ठी में गांधी मेडिकल कॉलेज के पांचों रेजिडेंस डॉक्टरों ने 31 मई को एक साथ कॉलेज में ही सामूहिक आत्महत्या करने की बात कही है। साथ ही, चिट्ठी को ही सुसाइड नोट के रूप में मान्य किए जाने की बात कही है।
Credit: The Sootr
चिट्ठी में लिखा है कि अगर मुख्यमंत्री लेटर पढ़ रहे हैं, तो माननीय आप तो हमारी परेशानी समझें। क्योंकि आपकी बेटी ने खुद डॉक्टरी की पढ़ाई की है। हम भी आपके बच्चों के जैसे हैं। इसे व्यर्थ की शिकायत न समझें। हम चाहते हैं कि हम अच्छा काम सीखें। डिग्री लें और अच्छी मेडिकल सेवाएं दें। लेकिन, यहां का माहौल हमें आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहा है।
Credit: The Sootr
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (GMC Bhopal) (फाइमा) ने इस लेटर के सामने आने के बाद सात सदस्यीय समिति गठित कर दी है। फाइमा के स्टेट चेयरमैन डॉक्टर आकाश सोनी ने जानकारी दी है कि फाइमा इस गुमनाम लेटर (GMC Bhopal) की सत्यता कितनी है इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Credit: The Sootr
Thanks For Reading!