Oct 10, 2026
11 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों के प्रिय फूल और भोग जानें
Credit: Sootr Assets
मां शैलपुत्री को सफेद कनेर या गुड़हल का फूल अत्यंत प्रिय है और इन्हें शुद्ध देशी घी या गाय के दूध से बनी मिठाई का भोग लगाया जाता है।
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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में कमल या चमेली का फूल चढ़ाया जाता है और इन्हें शक्कर (चीनी), मिश्री या पंचामृत का भोग अर्पित किया जाता है।
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मां चंद्रघंटा को शंखपुष्पी या पीला कमल पसंद है और इन्हें दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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मां कुष्मांडा की पूजा में पीले फूल, गेंदा अर्पित किए जाते हैं और इन्हें मालपुए या हलवे का भोग चढ़ाया जाता है।
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मां स्कंदमाता को सफेद या पीले रंग के फूल प्रिय हैं और इन्हें केले या मेवे का भोग अर्पित किया जाता है।
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मां कात्यायनी की आराधना में गेंदे का फूल या लाल गुलाब चढ़ाया जाता है और इन्हें शहद या मेवे युक्त खीर का भोग लगाया जाता है।
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मां कालरात्रि को रात की रानी का फूल या गुड़हल पसंद है और इन्हें गुड़ या गुड़ से बनी मिठाइयों का भोग अर्पित किया जाता है।
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मां महागौरी को मोगरा या रात की रानी का फूल अत्यंत प्रिय है और इन्हें नारियल, पूरी, चना और हलवे का भोग लगाया जाता है।
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मां सिद्धिदात्री की पूजा में चम्पा या कमल का फूल अर्पित किया जाता है और इन्हें तिल या अनार व पंचमेवा का भोग चढ़ाया जाता है।
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