Feb 24, 2024
इस मूर्ति को इंदौर के मूर्तिकार महेंद्र कोटवानी ने अपने स्टूडियो पर 10 मूर्तिकारों के साथ एक साल की मेहनत से तैयार किया। पांच टन की इस प्रतिमा को बनाने के लिए पहले 8 इंच की मोम की प्रतिकृति बनाई गई थी।
Credit: The Sootr
संत रविदास मध्यकाल के सबसे बड़े भक्ति कवियों में शुमार थे। इनके कई रचे हुए दोहों को सिख गुरुओं ने अपने ग्रंथों में स्थान दिया है। मीरा भी संत रविदास को अपना गुरु मानती थीं।
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संत रविदास की ये प्रतिमा 25 फीट ऊंची और 5 टन वजनी है। संत रविदास की यह प्रतिमा देश में सबसे ऊंची है।
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स्टैच्यू का निर्माण कार्य जुलाई 2023 में शुरू हुआ था। सबसे पहले 2 टन वजनी लोहे से स्ट्रक्चर बनाया गया। इसमें अलग तरह की घास भरी गई। फिर पीओपी से प्रतिमा का ढांचा तैयार किया और ब्रांस मटेरियल का उपयोग किया गया।
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