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Feb 11, 2024

CAA

सीएए भारत का एक कानून है जो 11 दिसंबर 2019 को पारित हुआ था। यह कानून भारत की नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया को संशोधित करता है।

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CAA के मुख्य प्रावधान

CAA पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई को नागरिकता प्रदान करता है।इन अल्पसंख्यकों को नागरिकता के लिए सिर्फ 5 वर्षों तक भारत में रहना पर्याप्त है। यह मुस्लिमों को नागरिकता प्रदान नहीं करता है।

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CAA को लेकर विवाद

सीएए का विरोध कई लोगों ने किया है, यह आरोप लगाते हुए कि यह धार्मिक भेदभाव का कानून है और भारत के संविधान का उल्लंघन करता है।कुछ लोगों का यह भी मानना ​​है कि यह कानून बांग्लादेश से अवैध प्रवास को बढ़ावा देगा।

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CAA पर सरकार का पक्ष

सरकार का कहना ​​है कि CAA धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने के लिए एक मानवीय कानून है।सरकार का यह भी कहना ​​है कि यह कानून भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा।

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CAA की वर्तमान स्थिति

सीएए अभी तक लागू नहीं हुआ है।सरकार CAA के नियमों को तैयार करने की प्रक्रिया में है।इस कानून सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

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