Apr 26, 2026
23 अप्रैल की सुबह 7:50 बजे इंजीनियर क्लेरेंस एटकिंस अपने 5 साल के बेटे को स्कूल छोड़कर बाइक से घर लौट रहे थे। रांझी के शिव शक्ति दवाखाना के पास उनकी जिंदगी का आखिरी सफर खत्म हो गया।
Credit: The Sootr
हमलावर पहले से शिव शक्ति चौराहे पर घात लगाए हुए थे। सिग्नल मिलते ही बिना नंबर की बाइक से आए और पिस्टल से क्लेरेंस के सिर में गोली मार दी। वे मौके पर गिर पड़े और हमलावर रांझी की ओर फरार हो गए।
Credit: The Sootr
रायपुर में लगभग 15 एकड़ की कृषि भूमि को लेकर विवाद चल रहा था। इस जमीन की कीमत करीब एक करोड़ रुपए थी। क्लेरेंस ने कोर्ट में सिविल सूट दायर कर रजिस्ट्री रद्द कराने के लिए स्टे भी ले रखा था, जो उनकी मौत की वजह बनी।
Credit: The Sootr
बाबा नेल्सन (मामा) ने क्लेरेंस पर प्रॉपर्टी में पार्टनरशिप और केस वापस लेने का दबाव बनाया। क्लेरेंस के बार-बार इनकार करने पर मामा और उसके बेटे प्रिंस नेल्सन ने मिलकर हत्या की साजिश रची और शूटर हायर किए।
Credit: The Sootr
वारदात से पहले मोहित ठाकुर और अरुण रैकवार ने महंगी हार्ले डेविडसन बाइक (कीमत करीब 15 लाख) से क्लेरेंस के घर के बाहर रेकी की। घर से निकलते ही सिग्नल दिया गया और हत्यारों ने पीछा शुरू कर दिया।
Credit: The Sootr
वारदात के बाद पुलिस ने इलाके के सभी CCTV कैमरे खंगाले। फुटेज में बिना नंबर की काली बाइक पर दो संदिग्ध भागते दिखे। यही सुराग पुलिस के लिए निर्णायक बना और आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
Credit: The Sootr
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दीनदयाल चौक से तेजबल उर्फ अरुण रैकवार (20) को दबोचा। पूछताछ में साथियों के नाम उगले। इसके बाद बरेला टोल प्लाजा से मोहित ठाकुर (20) को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
Credit: The Sootr
दो आरोपी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन मास्टरमाइंड बाबा नेल्सन उर्फ रिंकू, उसका बेटा प्रिंस नेल्सन (22) और अर्पित कुशवाहा अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उनकी तलाश में कई टीमें सक्रिय हैं।
Credit: The Sootr
Thanks For Reading!