Mar 27, 2026
यह भारत का इकलौता मंदिर है जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। राम नवमी के दिन यहां राजा राम का भव्य दरबार सजता है और विशेष शाही आरती का आयोजन होता है।
Credit: The Sootr
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान राम ने अपने वनवास के साढ़े ग्यारह वर्ष इसी पवित्र तपोभूमि पर बिताए थे। आज राम नवमी के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा करते हैं। मंदाकिनी नदी में दीपदान कर रहे होते हैं। चित्रकूट में आज के दिन चित्रकूट गौरव दिवस भी मनाया जा रहा है।
Credit: The Sootr
पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति पर प्राकृतिक जलधारा निरंतर गिरती रहती है, जिसे बेहद चमत्कारी माना जाता है। पौराणिक कथा है कि लंका दहन के बाद हनुमान जी की थकान दूर करने के लिए प्रभु राम ने यहां तीर मारकर यह जलधारा निकाली थी।
Credit: The Sootr
छतरपुर जिले में स्थित यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल अपनी अद्भुत नागर शैली की वास्तुकला के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। 10वीं शताब्दी में चंदेल राजाओं द्वारा निर्मित यह मंदिर भगवान विष्णु के वैकुंठ रूप को समर्पित है, जो लक्ष्मण जी के नाम से प्रसिद्ध है।
Credit: The Sootr
यूं तो यह बाबा महाकाल का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है, लेकिन राम नवमी के दिन यहां शिव और राम के मिलन का अद्भुत संगम दिखता है। आज मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है क्योंकि माना जाता है कि राम जी ने भी शिव की आराधना की थी।
Credit: The Sootr
Thanks For Reading!