Aug 25, 2025
मुंबई में गणेशोत्सव की शुरुआत लालबागचा राजा के पहले दर्शन से होती है जो भक्तों में अपार उत्साह और श्रद्धा भर देता है। इस साल भी 92वें वर्ष के इस उत्सव में बप्पा की पहली झलक ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। आइए, जानते हैं इस साल के लालबागचा राजा के स्वरूप और समारोह की कुछ खास बातें।
Credit: The Sootr
लालबागचा राजा 2025 का पहला स्वरूप सामने आया जिसे देखकर भक्त राजा की शाही भव्यता से अभिभूत हो गए। इस भव्य दर्शन के साथ ही 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है।
Credit: The Sootr
लालबागचा राजा गणेश मंडल इस साल अपने 92वें वर्ष का गणेशोत्सव मना रहा है (गणेशोत्सव शुरू), जिसकी भव्य शुरुआत हो चुकी है। यह ऐतिहासिक महत्व का उत्सव हर साल लाखों भक्तों को आकर्षित करता है।
Credit: The Sootr
लालबागचा राजा को 'नवसाचा गणपती' (मनोकामना पूरी करने वाला गणपति) भी कहा जाता है। इस बार भी भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर दूर-दूर से आ रहे हैं और घंटों कतार में खड़े होकर दर्शन कर रहे हैं।
Credit: The Sootr
इस साल का पंडाल भगवान तिरुपति बालाजी की थीम पर सजाया गया है, जो किसी स्वर्ण महल जैसा दिखाई देता है। इस भव्य सजावट ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया है।
Credit: The Sootr
बप्पा को इस साल बैंगनी रंग की धोती, सिर पर आकर्षक मुकुट और हाथ में चक्र अर्पित किया गया है। उनके वस्त्रों और माला की सुंदरता ने उनके स्वरूप को और भी दिव्य बना दिया है।
Credit: The Sootr
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंडल ने विशेष व्यवस्था की है। भीड़ प्रबंधन और सेवा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं ताकि भक्तों को असुविधा न हो। इससे भक्तों को सुगम और सुरक्षित तरीके से दर्शन करने में मदद मिल रही है।
Credit: The Sootr
11 दिनों तक दर्शन देने के बाद, अनंत चतुर्दशी के दिन लालबागचा राजा की प्रतिमा को गिरगांव चौपाटी पर अरब सागर में विसर्जित कर दिया जाता है। यह प्रतिमा मुंबई की आस्था, विश्वास और परंपरा का प्रतीक बन चुकी है।
Credit: The Sootr
Thanks For Reading!