Mar 1, 2026
इस साल भगोरिया महोत्सव 24 फरवरी 2026 से शुरू हुआ है। ये 2 मार्च तक चलेगा। समापन के दिन 2 मार्च को बड़वानी जिले के निवाली में सीएम मोहन यादव शामिल होंगे। ये उत्सव होली से ठीक सात दिन पहले आयोजित किया जाता है।
Credit: The Sootr
भगोरिया को आदिवासी समाज का प्रेम पर्व (भगोरिया नृत्य) भी माना जाता है। युवा यहां गुलाल लगाकर या पान खिलाकर अपना प्रेम जताते हैं। कई जगहों पर जीवनसाथी चुनने की पुरानी परंपरा आज भी प्रचलित है।
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ये उत्सव मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में मनाते हैं। धार, बड़वानी और खरगोन जिलों में भी इसकी बड़ी धूम रहती है। साप्ताहिक हाट-बाजारों में इस दौरान बहुत रौनक और उत्साह दिखाई देता है।
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बड़े-बड़े ढोल और मांदल की थाप पर भीली नृत्य किया जाता है। पुरुष साफा पहनते हैं। महिलाएं भारी चांदी के गहने पहनती हैं। चांदी के आभूषण उनके समाज में समृद्धि का बड़ा प्रतीक हैं। सीएम मोहन यादव ने इसे स्टेट फेस्टिवल घोषित किया है।
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मेलों में पारंपरिक कपड़े, गहने और मिठाइयों की खूब बिक्री होती है। रोजगार के लिए बाहर गए लोग भी घर वापस लौटते हैं। यह पर्व एकता और आपसी उल्लास का बहुत बड़ा प्रतीक है।
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