दस साल में मोबाइल एक्सपोर्ट 165 गुना उछला, सरकार ने संसद में बताया

Kaushiki | Jul 31, 2026, 11:25 IST
mobile phone exports
भारत का मोबाइल फोन एक्सपोर्ट दस साल में 165 गुना बढ़ा है। सरकार ने संसद में यह जानकारी दी। जानें प्रोडक्शन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के पूरे आंकड़े।

Mobile Phone Exports: भारत का मोबाइल फोन एक्सपोर्ट पिछले दस साल में 165 गुना बढ़ गया है। साल 2014-15 में यह करीब 15 सौ करोड़ रुपए का बिजनेस था। साल 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 2.59 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह जानकारी सरकार ने संसद में दी।



इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी इसी दौरान बड़ी ग्रोथ दर्ज हुई है। सरकार द्वारा Semicon India और Semicon 2.0 जैसे नीतिगत कदमों के कारण भारत अब केवल कंस्यूमर नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइनिंग के साथ एक आत्मनिर्भर ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स हब बन रहा है।



mobile-phone-exports


दस साल में बड़ा बदलाव

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत तेजी से एक ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर उभरा है।



मोबाइल फोन एक्सपोर्ट के आंकड़े इसका सीधा सबूत हैं। मंत्री ने बताया कि मोबाइल फोन प्रोडक्शन में भी करीब 33 गुना बढ़ोतरी हुई है। साल 2014-15 में यह 18 हजार करोड़ रुपए था।



साल 2025-26 में यह बढ़कर 6.27 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह ग्रोथ बताती है कि भारत अब सिर्फ मोबाइल इस्तेमाल करने वाला देश नहीं रहा। यह अब बड़े पैमाने पर मोबाइल बनाने वाला देश भी बन गया है।



इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की पूरी तस्वीर

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर का प्रोडक्शन भी इसी दौरान करीब सात गुना बढ़ा है। यह 1.9 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट भी करीब 11 गुना बढ़ा है।



यह लगभग 38 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 4.24 लाख करोड़ रुपए हो गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने पूरी वैल्यू चेन में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं। इसमें सेमीकंडक्टर और मेमोरी चिप जैसे अहम क्षेत्र भी शामिल हैं।



mobile phone exports


सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम पर जोर

अश्विनी वैष्णव ने संसद को बताया कि जनवरी 2022 में सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम शुरू किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत सरकार सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट, डिस्प्ले फैब और सेमीकंडक्टर पैकेजिंग सुविधाओं को सपोर्ट कर रही है।



इसके साथ ही स्वदेशी चिप डिजाइन (इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर)को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मेमोरी चिप मैन्युफैक्चरिंग को लेकर मंत्री ने बताया कि फिलहाल दो कंपनियां भारत में मेमोरी चिप बना रही हैं।



माइक्रोन कंपनी डीआरएएम (Dynamic Random Access Memory), नैंड फ्लैश मेमोरी और सॉलिड स्टेट ड्राइव बनाती है। वहीं सहस्रा कंपनी नैंड फ्लैश मेमोरी का प्रोडक्शन करती है।



मेमोरी चिप की मांग और कीमतें

सरकार ने यह भी बताया कि दुनियाभर में मेमोरी चिप (इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन) की सप्लाई कम हुई है। इसकी बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्वर, डेटा सेंटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग एप्लिकेशन की बढ़ती मांग है। इस वजह से मेमोरी चिप की कीमतें भी बढ़ रही हैं।



सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी

मंत्री ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूत बनाना है। इससे सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, चिप डिजाइन और जुड़े इंडस्ट्रीज में नए मौके बनेंगे। यह घरेलू और वैश्विक दोनों तरह की मांग को पूरा करने में मदद करेगा।



अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन सभी पहलों का लक्ष्य एक मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम (mobile phone) बनाना है। उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।



आगे की राह

सरकार के इन आंकड़ों से साफ है कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोबाइल फोन प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट में हुई बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि देश ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। आने वाले समय में सेमीकॉन 2.0 जैसी योजनाओं से इस सेक्टर को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।



FAQ

  1. भारत का मोबाइल फोन एक्सपोर्ट कितना बढ़ा है?
    भारत का मोबाइल फोन एक्सपोर्ट पिछले दस साल में 165 गुना बढ़ा है। यह 2014-15 में करीब 1,500 करोड़ रुपए था। 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 2.59 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
  2. सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम क्या है?
    यह जनवरी 2022 में शुरू की गई एक सरकारी योजना है। इसके तहत सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट और चिप डिजाइन को सपोर्ट किया जाता है।
  3. भारत में मेमोरी चिप कौन-कौन सी कंपनियां बनाती हैं?
    फिलहाल माइक्रोन और सहस्रा नाम की दो कंपनियां भारत में मेमोरी चिप बना रही हैं। माइक्रोन डीआरएएम, नैंड फ्लैश मेमोरी और सॉलिड स्टेट ड्राइव बनाती है।

ये खबरें भी पढ़ें...



31 जुलाई का इतिहास: आज ही के दिन से हुई थी मोबाइल संचार क्रांति की शुरुआत



MP NFHS Report: एमपी में महिलाओं के पास बैंक खाते पर मोबाइल नहीं



MPPSC का नया मोबाइल एप लॉन्च, एडमिट कार्ड से रिजल्ट तक, सब कुछ मिलेगा एप पर



डिजिटल नवाचारों से सुशासन सशक्त... सेवा सेतु से लेकर वन अंचल में मोबाइल नेटवर्क से नागरिकों को मिल रही सुविधाएं



Tags:
  • अश्विनी वैष्णव
  • मोबाइल फोन
  • mobile phone
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन
  • semicon india
  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर