8वां वेतन आयोग: चेन्नई में न्यूनतम वेतन 68,000 रुपए सहित रखीं पांच बड़ी मांगें
चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को 8वें वेतन आयोग की बैठक हुई। कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने अपनी मांगें रखीं। न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 68,000 रुपए करने का सुझाव दिया गया। पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की भी मांग उठी। अब आयोग की टीम पुडुचेरी में मीटिंग करेगी।
चेन्नई बैठक में क्या हुआ
आठवां वेतन आयोग की टीम इन दिनों देश के अलग-अलग शहरों में कर्मचारी संगठनों से मिल रही है। चेन्नई के ITC Grand होटल में यह बैठक हुई।
इस बैठक में डाक कर्मचारियों से जुड़े संगठन, पेंशनर ग्रुप और GPO पेंशनर्स फोरम शामिल हुए। सभी ने सैलरी, पेंशन और भत्तों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
इस फैसले का असर देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों पर पड़ेगा। साथ ही 69 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को भी इससे फायदा हो सकता है।
GPO पेंशनर्स फोरम की मांगें
GPO पेंशनर्स फोरम (GPO – General Post Office) के प्रतिनिधियों ने आयोग के सामने कई मुद्दे रखे। इनमें सैलरी और पेंशन में संशोधन की बात प्रमुख रही।
फोरम ने डाक कर्मियों के करियर से जुड़ी दिक्कतों पर भी जोर दिया। संगठन ने भत्तों में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने का सुझाव दिया।
सैलरी और इंक्रीमेंट पर सुझाव
संगठन के प्रतिनिधियों ने सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग की। उन्होंने मौजूदा पे-मैट्रिक्स सिस्टम की जगह रनिंग स्केल लागू करने का सुझाव दिया।
सबसे बड़ी मांग न्यूनतम वेतन बढ़ाने को लेकर रही। बैठक में न्यूनतम बेसिक सैलरी 68,000 रुपए करने का सुझाव आया।
वहीं NC-JCM (National Council of the Joint Consultative Machinery) और कुछ अन्य संगठनों ने इसे 69,000 रुपए तक बढ़ाने की बात कही थी।
सालाना इंक्रीमेंट को लेकर भी मांग उठी। मौजूदा 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7 प्रतिशत करने का सुझाव दिया गया। NC-JCM स्टाफ साइड पहले से ही इस मांग को उठाता रहा है।
पेंशन में बड़े बदलाव की मांग
GPO पेंशनर्स फोरम ने पेंशन व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग की। इनमें सबसे अहम मांग पुरानी पेंशन स्कीम को फिर से बहाल करने की रही।
इसके अलावा फैमिली पेंशन बढ़ाने की भी बात कही गई। पेंशन से जुड़े अन्य ढांचों पर भी चर्चा हुई।
भत्तों पर भी चर्चा
बैठक में फिटमेंट फैक्टर, DA (Dearness Allowance) और HRA (House Rent Allowance) पर भी बात हुई। कर्मचारी संगठनों ने बेहतर भत्तों और छुट्टी के फायदों की मांग रखी।
MACP (Modified Assured Career Progression) में बदलाव की भी बात उठी। साथ ही कम्यूटेशन की रकम की वसूली में राहत देने की मांग की गई।
महिला और दिव्यांग कर्मियों का मुद्दा
पेंशनर फोरम ने प्रमोशन जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया। डाक विभाग में महिला कर्मचारियों और दिव्यांगों से जुड़ी जरूरतों को भी आयोग के सामने रखा गया।
आज पुडुचेरी में बैठक
चेन्नई की बैठक खत्म होने के बाद अब वेतन आयोग की टीम पुडुचेरी पहुंच चुकी है। आज यहां कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ अहम मीटिंग होने वाली है।
इस बैठक में भी सैलरी, पेंशन, भत्तों और हेल्थ स्कीम जैसे मुद्दों पर बात हो सकती है। आने वाले दिनों में और भी शहरों में ऐसी बैठकें होने की संभावना है।
FAQ
- 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन कितना करने की मांग हुई?
चेन्नई बैठक में न्यूनतम वेतन 68,000 रुपए करने का सुझाव दिया गया। कुछ संगठनों ने इसे 69,000 रुपए तक बढ़ाने की मांग की। - चेन्नई बैठक में सालाना इंक्रीमेंट को लेकर क्या मांग रही?
संगठनों ने मौजूदा 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 से 7 प्रतिशत करने की मांग की। NC-JCM पहले से यह मांग उठाता रहा है। - क्या पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग उठी?
हां, GPO पेंशनर्स फोरम ने पुरानी पेंशन स्कीम फिर से लागू करने की मांग रखी। साथ ही फैमिली पेंशन बढ़ाने की भी बात कही गई।
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