8 लाख कर्मचारियों को झटका: 8वें वेतन आयोग पर सरकार का फैसला, सरकार का वेतन समिति पर 'नो'

Sanjay Dhiman | Mar 10, 2026, 19:22 IST
Photograph: (the sootr)
केंद्र सरकार ने 8 लाख कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन समिति गठित करने से मना किया है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग के संदर्भ में इस पर स्पष्ट जवाब दिया।

News in Short

  • केंद्र सरकार ने सीपीएसई कर्मचारियों के वेतन संशोधन समिति बनाने से इनकार किया।
  • 2027 में लागू होने वाले 8वें वेतन आयोग पर पुरानी व्यवस्था को ही लागू किया जाएगा।
  • वित्त मंत्री ने कहा, सीपीएसई के कर्मचारियों के लिए कोई नई समिति नहीं बनेगी।
  • वेतन और भत्तों में अंतर सीपीएसई की वित्तीय स्थिति और प्रदर्शन पर निर्भर है।
  • 8 लाख कर्मचारियों के वेतन संशोधन पर सरकार का जवाब, पुरानी व्यवस्था से ही फैसला होगा।

News in Detail

केंद्र सरकार ने 8 लाख सीपीएसई कर्मचारियों के वेतन संशोधन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि वेतन संशोधन के लिए किसी नई समिति का गठन फिलहाल विचाराधीन नहीं है। इस निर्णय के बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने की उम्मीदों पर पानी फिर गया।



क्या है वेतन संशोधन समिति का मुद्दा?

लोकसभा में सांसद लक्ष्मीकांत पप्पू निषाद ने 2027 में लागू होने वाले वेतन संशोधन को लेकर सवाल किया था कि क्या सरकार सीपीएसई के नॉन-एक्जीक्यूटिव और बोर्ड स्तर के अधिकारियों के लिए अलग वेतन संशोधन समिति बनाएगी। इस सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि फिलहाल इस प्रकार की कोई योजना नहीं है।



समान काम के लिए समान वेतन पर सवाल

संसद में यह मुद्दा भी उठाया गया कि विभिन्न सीपीएसयू (CPSUs) में कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन, भत्तों और सुविधाओं में बड़ा अंतर है। यह स्थिति 'समान काम, समान वेतन' के सिद्धांत का उल्लंघन प्रतीत होती है। इस विसंगति को दूर करने और व्यवस्था को मानकीकृत बनाने की मांग की गई थी।



सरकार का जवाब

सरकार ने इस विसंगति पर जवाब देते हुए कहा कि वेतन और भत्तों में अंतर सीपीएसई की वित्तीय स्थिति और प्रदर्शन पर निर्भर करता है। जिन कंपनियों का मुनाफा और क्षमता बेहतर है, वहां कर्मचारियों को अधिक भत्ते मिल सकते हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सीपीएसई की स्वायत्तता का सम्मान करते हुए समय-समय पर एकसमान दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।



CPSe कर्मचारियों पर असर

इस निर्णय का सीधा असर देशभर के सीपीएसई कर्मचारियों पर पड़ेगा। 8 लाख कर्मचारी विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत हैं। सरकार का ताजा जवाब यह बताता है कि 2027 में होने वाली वेतन वृद्धि पुरानी व्यवस्था और उद्यम की वित्तीय स्थिति के आधार पर होगी, न कि किसी नई समिति द्वारा तय की गई वेतन वृद्धि के आधार पर।



कौन होते है सीपीएसई कर्मचारी

सीपीएसई (Central Public Sector Enterprises) कर्मचारी वे पेशेवर और कर्मचारी हैं जो केंद्र सरकार के स्वामित्व (51% से अधिक) वाली कंपनियों में काम करते हैं। ये 'सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों' (PSUs) के तहत आते हैं, जैसे BHEL, ONGC, SAIL, और NTPC, और ये सरकारी खजाने में लाभांश व कर के माध्यम से योगदान देते हैं, जिनका उल्लेख FACTLY और Dataful में किया गया है।



सीपीएसई कर्मचारियों की मुख्य विशेषताएं

नियुक्ति: इनकी नियुक्ति सीधे कंपनी द्वारा होती है, जो सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) के अंतर्गत काम करती है, जैसा कि Drishti IAS में बताया गया है।


वर्गीकरण: ये कर्मचारी ग्रुप A, B, C और D के अंतर्गत आते हैं। इनमें प्रबंधकीय, पर्यवेक्षी, कुशल और अकुशल कर्मचारी शामिल हैं।


रोजगार प्रकार: ये नियमित (Permanent) कर्मचारी हो सकते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में संविदात्मक या अनुबंध (Contractual) पर भी काम करते हैं।



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