8वें वेतन आयोग के गठन को एक साल पूरा: कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन कब बढ़ेगी, जानिए अब तक क्या हुआ?
अब कर्मचारियों को इस बात का इंतजार है कि उनकी सैलरी और पेंशन कितनी बढ़ेगी। हालांकि, सरकार ने अभी तक नया वेतन या फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है। आयोग को 3 मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
आइए 5 पॉइंट में समझते हैं कि 8वें वेतन आयोग को लेकर अब तक क्या हुआ और आगे क्या होने वाला है।
1. एक साल पहले हुआ था 8वें वेतन आयोग का गठन
केंद्रीय कैबिनेट ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग की नियम और शर्तों को मंजूरी दी थी। इसके बाद वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 3 नवंबर 2025 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
आयोग में तीन सदस्य हैं। इसकी अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हैं। प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य और पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं।
यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों, रक्षा बलों, अखिल भारतीय सेवाओं, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों और कुछ न्यायिक व नियामक संस्थाओं के कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन की समीक्षा कर रहा है।
2. कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने के लिए दिए सुझाव
आयोग ने 5 फरवरी 2026 को MyGov पोर्टल पर 18 सवालों की एक प्रश्नावली जारी की थी। इसमें कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और शोधकर्ताओं से सुझाव मांगे गए थे। जवाब देने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 थी।
इसके अलावा कर्मचारी यूनियनों और संगठनों से ऑनलाइन ज्ञापन भी मांगे गए। पहले इसकी अंतिम तारीख 30 अप्रैल थी, जिसे बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया गया था।
कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग Fitment Factor बढ़ाने की है। यूनियनों ने इसे 2.86 से 3.68 के बीच रखने की मांग की है। सातवें वेतन आयोग में यह 2.57 था।
कर्मचारी संगठनों की मांगों और अनुमानों के अनुसार, नया वेतन लागू होने पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपए से बढ़कर करीब 34 हजार से 51 हजार रुपए के बीच पहुंच सकती है। हालांकि, यह आंकड़ा अभी तय नहीं हुआ है।
बेसिक सैलरी बढ़ने पर कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस (HRA), दूसरे भत्तों और पेंशन में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
3. कई शहरों में कर्मचारी संगठनों के साथ हुई बैठकें
आयोग ने कर्मचारियों की समस्याएं और मांगें समझने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकें कीं। लद्दाख, लखनऊ, भुवनेश्वर, कोलकाता, दिल्ली, जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़, बेंगलुरु और मुंबई में कर्मचारियों और संगठनों से बातचीत की गई।
आयोग ने 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में बैठक की थी। इसके बाद 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में कर्मचारियों और संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया था। ये आयोग की अंतिम सूचीबद्ध परामर्श बैठकें थीं। इन बैठकों में मिले सुझावों को वेतन और पेंशन से जुड़ी सिफारिशें तैयार करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
4. रिपोर्ट तैयार करने के लिए सलाहकारों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई
8वें वेतन आयोग ने रिसर्च और प्रशासनिक कामों के लिए सलाहकारों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू की है। इसके लिए अप्रैल 2026 में Consultants की भर्ती से जुड़ी गाइडलाइंस जारी की गई थीं। बाद में 11 अगस्त 2026 को इनमें कुछ बदलाव किए गए थे। इन सलाहकारों की मदद से आयोग वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़ी जानकारी का अध्ययन कर सकेगा।
5. मई 2027 तक आ सकती है आयोग की फाइनल रिपोर्ट
8वें वेतन आयोग को अपने गठन के 18 महीने के भीतर सरकार को सिफारिशें देनी हैं। इस हिसाब से आयोग के पास 3 मई 2027 तक का समय है। आयोग चाहे तो कुछ मुद्दों पर अपनी Interim Report यानी अंतरिम सिफारिशें भी पहले दे सकता है।
रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार उसकी समीक्षा करेगी। इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर नई वेतन व्यवस्था लागू की जाएगी।
कर्मचारियों की सैलरी कब और कितनी बढ़ेगी?
फिलहाल सरकार ने यह साफ नहीं किया है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें कब से लागू होंगी। नया फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक सैलरी भी तय नहीं हुई है। कर्मचारी संगठन वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला सरकार को लेना है।
ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी का इंतजार करना होगा। इसके बाद ही पता चलेगा कि सैलरी, भत्तों और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी।
FAQs
- 8वें वेतन आयोग का गठन कब हुआ था?
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। - कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन वृद्धि की सिफारिशें कब आएंगी?
8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सरकार को 3 मई 2027 तक सौंपनी है, जिसके बाद ही सैलरी और पेंशन में वृद्धि की सिफारिशें आएंगी। - 8वें वेतन आयोग ने कर्मचारियों से कितने सुझाव मांगे थे?
8वें वेतन आयोग ने 5 फरवरी 2026 को MyGov पोर्टल पर 18 सवालों की एक प्रश्नावली जारी की थी, जिसमें कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और शोधकर्ताओं से सुझाव मांगे गए थे।