सरकारी योजनाओं के भुगतान में बदल सकते हैं नियम, आधार की जगह वोटर आईडी कार्ड से मिलेंगे पैसे!
आधार कार्ड की जगह वोटर आईडी का इस्तेमाल क्यों?
राष्ट्रीय जन योजना अभियान 2026-27 की कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने आधार कार्ड से होने वाली पहचान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजकल आधार कार्ड बनाने वाले केंद्र लगभग हर इलाके में मौजूद हैं। ऐसे में कुछ ही मिनटों में आधार कार्ड बनवाया जा सकता है। मंत्री का कहना है कि सरकारी योजनाओं में केवल आधार कार्ड के जरिए लाभार्थियों की पहचान करना सही नहीं है। इसके लिए Biometric Authentication और वोटर आईडी के EPIC नंबर का इस्तेमाल होना चाहिए। भविष्य में इसी आधार पर लाभार्थियों को पैसा भेजने की व्यवस्था बनाई जा सकती है।
क्या है EPIC नंबर और कैसे मिलेगा पैसा?
EPIC का पूरा नाम Electors Photo Identity Card है। यह चुनाव आयोग की ओर से जारी किया जाने वाला वोटर आईडी कार्ड है। हर वोटर आईडी पर एक अलग EPIC नंबर होता है, जिससे मतदाता की पहचान की जाती है। नई व्यवस्था लागू होने पर लाभार्थियों की पहचान दो तरीकों से की जा सकती है। पहले फिंगरप्रिंट या दूसरी बायोमेट्रिक जानकारी से पहचान की पुष्टि होगी। इसके बाद वोटर आईडी के EPIC नंबर से सत्यापन किया जा सकता है। पहचान सही पाए जाने पर भुगतान होगा। हालांकि, यह Payment Process कैसे काम करेगी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
किन सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है असर?
केंद्र सरकार की कई योजनाओं में आधार से जुड़ी भुगतान व्यवस्था का इस्तेमाल होता है। इनमें किसानों, गरीब परिवारों, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को सहायता देने वाली योजनाएं शामिल हैं।
इनमें कुछ प्रमुख योजनाएं हैं...
पीएम किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): पात्र किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
- प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण: गरीब ग्रामीण परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक मदद मिलती है।
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP): बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन दी जाती है।
- ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम (VB-G RAM G): ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार देने से जुड़ी इस योजना में आधार आधारित भुगतान व्यवस्था का इस्तेमाल होता है।
- राष्ट्रीय पशुधन मिशन: पशुपालन और डेयरी से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने वाली इस योजना में आधार से पहचान की जरूरत होती है।
हालांकि, इन योजनाओं में नए नियम लागू होंगे या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की किसी योजना में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पैसा नहीं भेजा जाता। लेकिन ललन सिंह के पास मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है। इस मंत्रालय की कुछ योजनाओं में आधार जरूरी है।
क्या सभी योजनाओं में जरूरी होगा वोटर आईडी?
अभी सरकार ने इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। यह भी तय नहीं है कि आधार आधारित भुगतान पूरी तरह बंद होगा या नहीं। केंद्र के सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों की योजनाओं में नए नियम लागू होंगे या नहीं, यह भी साफ नहीं है। इसके अलावा जिन लोगों के पास वोटर आईडी नहीं है, उन्हें कैसे लाभ मिलेगा और EPIC नंबर को बैंक खाते से कैसे जोड़ा जाएगा, इस बारे में भी जानकारी सामने नहीं आई है। इन सवालों के जवाब आधिकारिक Government Guidelines जारी होने के बाद ही मिलेंगे।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थी अभी क्या करें?
फिलहाल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्हें अपने आधार कार्ड या बैंक खाते में कोई बदलाव कराने की आवश्यकता नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने केवल संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं। अभी इसके लिए कोई विस्तृत आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। इसलिए जब तक संबंधित मंत्रालय नए नियम जारी नहीं करते, तब तक लाभार्थियों को मौजूदा व्यवस्था के अनुसार ही सरकारी योजनाओं का पैसा मिलता रहेगा।