आप सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल का बड़ा दावा: AAP में बगावत की साजिश में 7 सांसद थे शामिल
News in Short
- बलबीर सिंह सीचेवाल ने बागी नेताओं का आजाद ग्रुप जॉइन करने का प्रस्ताव ठुकराया।
- विक्रमजीत साहनी ने सीचेवाल को आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था।
- सीचेवाल ने चाय पर चर्चा करने के निमंत्रण को भी नकारा किया।
- सीचेवाल ने पंजाब में राघव चड्ढा और संदीप पाठक की भूमिकाओं पर आश्चर्य जताया।
- सात राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़ने का ऐलान किया, जिसमें प्रमुख बागी नेता थे।
News in Detail
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्यौता दिया था। सीचेवाल ने कहा कि विक्रमजीत सिंह साहनी, जो एक प्रमुख बागी नेता हैं, ने उन्हें फोन करके आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया। सीचेवाल का कहना था कि "मैंने साफ इनकार कर दिया, मेरी ऐसी कोई इच्छा नहीं थी।"
साहनी का आया था फोन
सीचेवाल ने बताया कि विक्रमजीत साहनी का फोन आया था और उन्होंने कहा कि वे एक नया आजाद ग्रुप बना रहे हैं और कई लोग इस पर दस्तखत कर चुके हैं। साहनी ने सीचेवाल से भी दस्तखत करने का आग्रह किया था, लेकिन सीचेवाल ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
बागियों में 'यूनिवर्सिटी वाले' भी शामिल
सीचेवाल ने यह भी दावा किया कि साहनी ने उन्हें बताया कि जिन लोगों ने दस्तखत किए हैं, उनमें ‘यूनिवर्सिटी वाले’ भी शामिल हैं, और उनका इशारा लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशोक कुमार मित्तल की तरफ था। यह बयान उस समय दिया गया जब इन बागियों के नेतृत्व में राघव चड्ढा और संदीप पाठक भी थे।
चाय का न्यौता
सीचेवाल ने यह भी बताया कि उन्हें राघव चड्ढा और संदीप पाठक से चाय पर चर्चा करने का निमंत्रण मिला था। उन्होंने कहा, “मुझसे कहा गया कि बाबा जी, आइये हम आपको चाय पिलाते हैं। लेकिन मैंने उनसे कहा कि आप लोग पी लो।” सीचेवाल ने इस न्यौते को एक अहम मोड़ के रूप में देखा क्योंकि यह पहली बार था जब राघव चड्ढा ने उन्हें चाय पर बुलाया था।
...और क्या बोले सीचेवाल का बयान
सीचेवाल ने पंजाब में राघव चड्ढा और संदीप पाठक की भूमिकाओं पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि उन्हें आश्चर्य हुआ क्योंकि पंजाब में ये दोनों नेता राज्य स्तर की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
संदीप पाठक पार्टी के कामकाज को देख रहे थे, और राघव चड्ढा प्रशासनिक पक्ष पर ध्यान दे रहे थे। सीचेवाल ने यह भी कहा कि राघव चड्ढा के चंडीगढ़ स्थित ‘हाउस नंबर 50’ के बारे में अधिकारियों की नजरें रहती थीं, जो पंजाब के मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस था।
सात सांसदों ने दिया था इस्तीफा
सीचेवाल ने बताया कि शुक्रवार को आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा, जब उसके सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। ये सांसद थे राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल।
इन सांसदों ने पार्टी पर सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। सीचेवाल ने कहा कि साहनी ने उन्हें बताया था कि पहले ही छह से सात सांसद नए समूह के समर्थन में दस्तखत कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने इसमें शामिल होने से मना कर दिया।
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