CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके के माता-पिता ने छोड़ा घर, जानें कारण
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता ने घर छोड़ दिया है।
- लगातार मिल रही धमकियों और डर के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
- छत्रपति संभाजीनगर में स्थित उनके बंगले को पुलिस ने चारों तरफ से घेरा है।
- सुरक्षा के लिए घर के आसपास 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
- पुलिस के अनुसार अभी तक अभिजीत के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है।
अभिजीत दिपके के माता-पिता ने छोड़ा घर
सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' बनाकर चर्चा में आए अभिजीत दिपके का परिवार मुश्किल में है। लगातार मिल रही धमकियों के कारण उनके माता-पिता ने अपना घर छोड़ दिया है। उनके पिता भगवान दिपके और मां अनीता दिपके इस समय कहां हैं, इसकी जानकारी गुप्त रखी गई है।
पड़ोसियों के अनुसार परिवार अभिजीत की सुरक्षा को लेकर बहुत डरा हुआ है। मां अनीता को डर है कि भारत आने पर पुलिस उनके बेटे को गिरफ्तार कर सकती है। उन्हें आशंका है कि अभिजीत पर कई फर्जी केस भी लादे जा सकते हैं। इसी डर से उन्होंने बेटे को देश से बाहर रहने की सलाह दी है।
संभाजीनगर स्थित बंगले पर पुलिस का पहरा
अभिजीत का बंगला छत्रपति संभाजीनगर के सिडको महानगर-1 इलाके में स्थित है। इस बंगले की सुरक्षा में पुलिस के जवान 24 घंटे तैनात हैं। घर के अंदर और बाहर हर कोने पर पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया है।
एमआईडीसी वालूज पुलिस थाने की टीम दिन में कई बार यहां गश्त करती है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रामेश्वर गाड़े पाटिल खुद स्थिति का जायजा लेने पहुंचते हैं। बंगले के बाहर महिला पुलिसकर्मियों और हथियारबंद जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।
30 से अधिक कैमरों से हो रही निगरानी
चार दिन पहले पुलिस ने सुरक्षा को और कड़ा करने का फैसला किया। इसके तहत बंगले के आसपास कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब पूरा परिसर 30 से अधिक आधुनिक कैमरों की सीधी निगरानी में है।
पुलिस ने पार्किंग एरिया में एक बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई है। इसके जरिए हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
मौसेरे भाई को सौंपी गई है पूरे घर की जिम्मेदारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभिजीत के माता-पिता ने जाने से पहले गांव जाने की बात कही थी। उन्होंने जल्द लौटने का वादा किया था, लेकिन वे अब तक वापस नहीं आए हैं। उनकी गैर-मौजूदगी में घर की जिम्मेदारी अभिजीत के मौसेरे भाई को दी गई है।
बंगले पर रोज सुबह केवल एक नौकरानी साफ-सफाई के लिए आती है। वह अपना काम खत्म करके तुरंत वापस चली जाती है। घर में फिलहाल भाई के अलावा कोई भी सदस्य मौजूद नहीं है।
सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करने का दबाव
अभिजीत को लगातार डराने और धमकाने वाले मैसेज (Threat) मिल रहे हैं। संदेशों में लिखा जा रहा है कि अपना सोशल मीडिया अकाउंट तुरंत डिलीट कर दो। बदमाशों ने लिखा कि हम तुम्हारे घर तक पहुंच चुके हैं।
इन संदेशों में माता-पिता को नुकसान पहुंचाने की बात भी कही गई थी। इसी वजह से परिवार ने सुरक्षा के लिहाज से दूरी बनाना बेहतर समझा। इन धमकियों की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है।
MIDC में इंजीनियर रह चुके हैं पिता भगवान दिपके
अभिजीत का परिवार मूल रूप से हिंगोली जिले का रहने वाला बताया जाता है। उनके पिता भगवान दिपके एमआईडीसी प्रशासन में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर थे। कुछ साल पहले ही वे इस सेवा से रिटायर्ड हुए हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद पूरा परिवार सिडको महानगर स्थित इस 'शंकर सदन' बंगले में रहने आया था। अभिजीत ने अपनी स्कूली शिक्षा बजाज नगर के एक स्कूल से पूरी की है। उनकी एक बहन वर्षा इस समय अमेरिका में रहती हैं।
अभिजीत पर अब तक कोई केस दर्ज नहीं- पुलिस
इस पूरे मामले पर जिले के डीसीपी पंकज अतुलकर ने अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिजीत के खिलाफ अब तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस केवल धमकियों को देखते हुए परिवार को सुरक्षा दे रही है।
डीसीपी ने बताया कि इस वीआईपी सुरक्षा की वजह से पड़ोसी भी थोड़े परेशान हैं। लोग उत्सुकतावश घर के पास पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए निगरानी बढ़ानी पड़ी। पुलिस को भी माता-पिता के वर्तमान स्थान की जानकारी नहीं है।cockroach party news hindi
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