चीन का AI रेस्टोरेंट: ग्राहक का चेहरा और जीभ देखकर रोबोट परोसता है खाना

Jitendra Shrivastava | Apr 16, 2026, 20:12 IST
Photograph: (THESOOTR)
INTERNATIONAL DESK. चीन का एआई रेस्टोरेंट चेहरे और जीभ के लक्षणों के आधार पर खाना परोसता है। रोबोट खाना बनाने से लेकर सफाई तक सब संभालते हैं, तकनीकी आलोचना भी हो रही है।

News In Short

  • एआई रेस्टोरेंट ने चेहरों और जीभ के लक्षणों से भोजन तैयार किया।
  • रोबोटों ने किचन के कार्यभार का 60% हिस्सा लिया।
  • एआई रेस्टोरेंट की कार्यप्रणाली ने रसोई में बदलाव लाया।
  • ग्राहकों ने एआई द्वारा तैयार भोजन को स्वादिष्ट बताया।
  • सोशल मीडिया पर एआई रेस्टोरेंट को लेकर विचारों में मतभेद।

News In Detail

चीन में एक एआई-संचालित रेस्टोरेंट वायरल हो गया है, जहां रोबोट ग्राहकों के चेहरे और जीभ के लक्षणों के आधार पर खाना परोसते हैं। इस रेस्टोरेंट में रोबोट्स का उपयोग ऑर्डर लेने से लेकर खाना पकाने और सफाई करने तक किया जा रहा है। हालांकि, इस तकनीकी पहलू को लेकर समाज में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली है, जहां कुछ ने इसका स्वागत किया और कुछ ने इसका विरोध किया।



एआई रेस्टोरेंट: ग्राहकों को सुझाते हैं ऑर्डर

चीन में एआई द्वारा संचालित रेस्टोरेंट ने खाने के अनुभव को पूरी तरह से बदल दिया है। हांगझोऊ में स्थित इस चीनी रेस्टोरेंट में एक "एआई डायग्नोसिस रोबोट" काम करते हैं।



ये AI रोबोट ग्राहकों के चेहरे और जीभ के लक्षणों का विश्लेषण करके उनके स्वास्थ्य के अनुसार व्यंजन सुझाता है। यह प्रणाली चेहरे के भाव और जीभ की रंगत जैसे संकेतों को समझती है और एक रिपोर्ट तैयार करती है, जिसमें ग्राहक की जीवनशैली के बारे में जानकारी मिलती है।



रोबोटों करते हैं रेस्टोरेंट का 60 प्रतिशत काम

ऑर्डर लेने से लेकर खाना परोसने, सफाई करने और खाना पकाने तक, रोबोटों ने कार्यभार का 60 प्रतिशत हिस्सा संभाल लिया है। इस तकनीकी प्रक्रिया का इस्तेमाल रेस्टोरेंट में कर्मचारियों के काम का बोझ कम करने के लिए किया गया है।



गोंगशु जिले के एक रेस्टोरेंट में शेफ डेंग ज़ुहुई ने बताया कि पहले व्यस्त समय में उनका काम बहुत बढ़ जाता था, लेकिन अब वे रोबोटों की मदद से अपना काम आसानी से कर पाते हैं और उनका ध्यान कच्चे माल की गुणवत्ता, नए व्यंजन बनाने और रसोई का प्रबंधन पर रहता है।



रोबोट के बनाए खाने में स्वाद इंसानों जैसा

ग्राहकों के बीच इस तकनीकी पहलू को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं रही हैं। कुछ ग्राहकों ने कहा कि रोबोटों द्वारा तैयार किया गया खाना स्वाद में इंसान द्वारा बनाए गए व्यंजनों जैसा ही है।



ग्राहकों ने यह भी कहा कि व्यंजन ज्यादा तैलीय या नमकीन नहीं थे, जो कि वरिष्ठ नागरिकों को पसंद आता है। वहीं, कुछ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने इस पर चिंता जताई कि रोबोटों के बढ़ते इस्तेमाल से बेरोजगारी बढ़ सकती है।



तकनीकी विकास के साथ बेरोजगारी का खतरा

एआई रेस्टोरेंट के इस विकास ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि क्या तकनीकी विकास से काम करने वाले लोगों की नौकरियां छीन ली जाएंगी। हालांकि, यह बात भी सामने आई है कि AI रेस्टोरेंट में तकनीक का इस्तेमाल ग्राहकों को बेहतर भोजन अनुभव देने के लिए किया जा रहा है, लेकिन यह बेरोजगारी के खतरे को भी बढ़ा सकता है।



FAQ

  1. एआई रेस्टोरेंट का काम कैसे होता है?
    एआई रेस्टोरेंट में रोबोट ग्राहकों के चेहरे और जीभ के लक्षणों का विश्लेषण करके उनके स्वास्थ्य के अनुसार खाना परोसते हैं। यह तकनीक ग्राहकों के लिए उपयुक्त भोजन सुझाती है।
  2. क्या एआई रेस्टोरेंट में रोबोटों का इस्तेमाल बढ़ने से बेरोजगारी बढ़ेगी?
    हां, एआई रेस्टोरेंट में रोबोटों के बढ़ते इस्तेमाल से यह चिंता जताई जा रही है कि इससे बेरोजगारी बढ़ सकती है क्योंकि रोबोट अब खाना बनाने से लेकर सफाई तक का काम संभाल रहे हैं।
  3. क्या रोबोट द्वारा तैयार किया गया खाना इंसान के बनाए गए खाने जैसा स्वादिष्ट होता है?
    कई ग्राहकों ने यह बताया कि रोबोट द्वारा तैयार किया गया खाना स्वाद में इंसान द्वारा बनाए गए व्यंजनों से बिल्कुल अलग नहीं था। उन्होंने इसे स्वादिष्ट और तैलीय-मुक्त पाया।

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