ऑनलाइन शॉपिंग का बदल गया फंडा, अब गूगल पर सर्च नहीं, AI से पूछकर सामान खरीद रहे लोग, सर्वे में खुलासा
रिपोर्ट के मुताबिक, खरीदारी के फैसलों पर AI टूल्स का असर पारंपरिक सर्च इंजन के मुकाबले काफी ज्यादा हो रहा है। AI की मदद से खरीदारी करने वाले करीब 29 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उनकी हाल की खरीदारी के फैसले पर सबसे ज्यादा असर AI टूल्स का रहा।
दुनियाभर के AI यूजर्स में ट्रेडिशनल सर्च इंजन के मुकाबले AI को ज्यादा इम्प्रेससिव मानने की संभावना 3.2 गुना है। वहीं, दोस्तों और परिवार की सलाह के मुकाबले यह संभावना 2.6 गुना अधिक है।
21 हजार लोगों के सर्वे में सामने आई बड़ी बात
McKinsey ने जून 2026 में दुनिया के 11 बाजारों में करीब 21 हजार कंस्यूमर्स का सर्वे किया था। इस सर्वे में यह समझने की कोशिश की गई कि लोग ऑनलाइन खरीदारी के दौरान AI का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं।
सर्वे में शामिल 56 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उन्होंने पिछले तीन महीनों में खरीदारी से जुड़ी जानकारी लेने के लिए अलग से उपलब्ध AI चैट या सर्च टूल का इस्तेमाल किया। वहीं, 27 प्रतिशत लोगों ने खरीदारी के दौरान रिटेल कंपनियों के अपने AI असिस्टेंट की मदद ली।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि AI अब केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है। लोग इसका इस्तेमाल अपनी जरूरत के हिसाब से सामान खोजने और अलग-अलग प्रोडक्ट की तुलना करने के लिए भी कर रहे हैं।
खरीदारी के फैसले पर AI का 3.2 गुना ज्यादा असर
रिपोर्ट में सामने आया है कि AI टूल्स खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करने में इम्पोर्टेन्ट रोल निभा रहे हैं। AI इस्तेमाल करने वाले लोगों में ट्रेडिशनल सर्च इंजन की तुलना में AI को ज्यादा असरदार मानने की संभावना 3.2 गुना है।
इसी तरह दोस्तों और परिवार की सलाह के मुकाबले AI को ज्यादा प्रभावशाली मानने की संभावना 2.6 गुना है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी लोग सर्च इंजन या परिवार की सलाह छोड़ चुके हैं। आंकड़े केवल यह बताते हैं कि AI यूजर्स की खरीदारी में इन टूल्स का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
81% लोगों के लिए सामान चुनना हुआ आसान
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान सबसे बड़ी परेशानी कई विकल्पों में से सही प्रोडक्ट चुनने की होती है। अलग-अलग कंपनियों के सामान की कीमत और फीचर्स देखने में काफी समय लग सकता है। लेकिन AI की मदद से यह काम आसान हो रहा है।
सर्वे में शामिल 81% AI शॉपर्स ने माना कि AI टूल्स की मदद से उन्हें अलग-अलग विकल्पों में से अपनी जरूरत का सामान चुनने में आसानी हुई। वहीं, 80 प्रतिशत लोगों को यह बात पसंद आई कि AI की मदद से उन्हें कम स्क्रॉल और क्लिक करने पड़े। इसके अलावा 79 प्रतिशत लोगों ने बताया कि AI इस्तेमाल करने से उनके समय की काफी बचत हुई। यही वजह है कि ऑनलाइन खरीदारी में AI Shopping का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
सामान की कीमत और फीचर्स की तुलना में मिल रही मदद
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ग्राहक अक्सर एक ही तरह के कई प्रोडक्ट देखते हैं। उन्हें यह पता करना होता है कि कौन-सा सामान उनकी जरूरत और बजट के हिसाब से बेहतर है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI टूल्स प्रोडक्ट खोजने और उनकी तुलना करने के मामले में आगे हैं। इनकी मदद से ग्राहकों के लिए अलग-अलग विकल्पों को समझना आसान हो रहा है।
लोगों को हर जानकारी के लिए बार-बार अलग वेबसाइट पर जाने की जरूरत कम पड़ रही है। इस तरह Product Comparison के दौरान AI लोगों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
पेमेंट के समय रिटेल कंपनियों के AI असिस्टेंट को बढ़त
हालांकि, खरीदारी के हर चरण में अलग AI टूल्स की रोल एक जैसी नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, सामान खोजने और तुलना करने के मामले में अलग से उपलब्ध AI चैट और सर्च टूल्स आगे हैं। लेकिन जब ग्राहक खरीदारी पूरी करने या पेमेंट करने के फेज में पहुंचता है, तब रिटेल कंपनियों के अपने AI असिस्टेंट को थोड़ी बढ़त मिलती है।
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि रिटेल कंपनियों के पास सामान के उपलब्ध स्टॉक, पेमेंट और डिलीवरी से जुड़ी जानकारी सीधे मौजूद होती है। इससे ग्राहक को यह जानने में मदद मिलती है कि सामान उपलब्ध है या नहीं और उसकी डिलीवरी कैसे होगी।
14 प्रतिशत AI यूजर्स पूरी कर चुके हैं खरीदारी
सर्वे में यह भी सामने आया है कि दुनिया भर में 14 प्रतिशत AI यूजर्स AI की मदद से खरीदारी की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। यह संख्या कुल आबादी के करीब 9 प्रतिशत के बराबर बताई गई है। इसके अलावा 21 से 30 प्रतिशत तक लोग AI की मदद से खरीदारी पूरी करने के लिए तैयार हैं। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में AI केवल सामान के बारे में जानकारी देने का जरिया नहीं रहेगा, बल्कि खरीदारी पूरी करने की प्रक्रिया में भी इसकी भूमिका बढ़ सकती है।
ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती
AI के बढ़ते इस्तेमाल से रिटेल कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो रही है। McKinsey का कहना है कि कंपनियों को अपने प्रोडक्ट की जानकारी, कीमत, स्टॉक और डिलीवरी से जुड़े डेटा को बेहतर बनाना होगा।
यदि किसी कंपनी के सामान की जानकारी AI टूल्स तक सही तरीके से नहीं पहुंचती है, तो ग्राहकों को उस कंपनी के प्रोडक्ट खोजने में परेशानी हो सकती है। इसका असर कंपनियों की ऑनलाइन बिक्री पर भी पड़ सकता है। इसलिए आने वाले समय में Retail AI Assistant और प्रोडक्ट से जुड़ी सही जानकारी ऑनलाइन कारोबार के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।
क्या बदल जाएगा ऑनलाइन खरीदारी का तरीका
McKinsey की रिपोर्ट से साफ सिग्नल मिलता है कि खरीदारी में AI की रोल बढ़ रही है। ग्राहक अब केवल सर्च इंजन पर जानकारी खोजने तक सीमित नहीं हैं। वे AI की मदद से सामान चुनने, कीमत की तुलना करने और खरीदारी का फैसला लेने लगे हैं।
हालांकि, ट्रेडिशनल सर्च इंजन और रिटेल वेबसाइट की रोल अभी भी जरूरी है। खासतौर पर पेमेंट, स्टॉक और डिलीवरी के मामले में रिटेल कंपनियों के अपने सिस्टम को फायदा मिल रहा है।
तो कुल मिलाकर, ऑनलाइन खरीदारी में AI एक नए मददगार के रूप में सामने आया है। इससे ग्राहकों का समय बच रहा है और प्रोडक्ट चुनना आसान हो रहा है। वहीं, कंपनियों को भी बदलती टेक्नोलॉजी के हिसाब से अपनी ऑनलाइन जानकारी और सेवाओं को बेहतर बनाना होगा।
FAQs:
- AI टूल्स खरीदारी के फैसलों को कैसे प्रभावित कर रहे हैं?
AI टूल्स खरीदारी के फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जहां 29 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उनके खरीदारी के निर्णय पर AI का सबसे अधिक प्रभाव रहा। - क्या AI टूल्स से ऑनलाइन खरीदारी करना आसान हो गया है?
हां, सर्वे में शामिल 81 प्रतिशत AI शॉपर्स ने कहा कि AI टूल्स की मदद से उन्हें विकल्पों में से सही सामान चुनने में आसानी हुई है। - क्या AI की मदद से सामान खरीदने का रुझान बढ़ रहा है?
हां, सर्वे में दिखाया गया है कि 14 प्रतिशत AI यूजर्स ने AI की मदद से खरीदारी पूरी की है और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है।