एयर इंडिया ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज: अब महंगी होंगी घरेलू उड़ानें
News in Short
- एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया, ₹299 से ₹899 तक का इज़ाफा होगा।
- 8 अप्रैल 2026 से नया सरचार्ज लागू होगा, यात्रियों को दूरी के हिसाब से भुगतान करना होगा।
- इंटरनेशनल रूट्स पर भी सरचार्ज बढ़ा, अमेरिका जैसे देशों में ₹23,000 तक ज्यादा लगेगा।
- एयरलाइन ने कहा, पूरी बढ़ोतरी यात्रियों पर नहीं डाली जा रही, कंपनी खुद भी बोझ वहन कर रही है।
- एटीएफ की कीमतें, एयरलाइंस के कुल खर्च का 30-40% हिस्सा है फ्यूल खर्च।
News in Detail
एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। इसके बाद हवाई सफर महंगा हो जाएगा। यह फैसला विमान ईंधन (ATF) की बढ़ती कीमतों के कारण लिया गया है। इस बदलाव के बाद यात्रियों को अपने टिकटों पर ₹299 से ₹899 तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
8 अप्रैल 2026 से यह नई दरें लागू होंगी। एयरलाइन के मुताबिक, जेट फ्यूल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। इस वृद्धि के कारण विमान कंपनियों की लागत भी बढ़ गई है। एटीएफ की औसत कीमत फरवरी के 99.40 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर अब 195.19 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। इसके साथ ही, एयर इंडिया ने बताया कि यह नया सरचार्ज अब दूरी के हिसाब से लिया जाएगा, जिससे यात्रियों पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा।
घरेलू और इंटरनेशनल रूट्स पर बढ़ेगा सरचार्ज
घरेलू उड़ानों के लिए अब एयर इंडिया ने एक फ्लैट सरचार्ज को खत्म किया है। अब सरचार्ज यात्रियों की यात्रा की दूरी के आधार पर लिया जाएगा। घरेलू रूट्स पर यह सरचार्ज ₹299 से ₹899 तक जाएगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी सरचार्ज बढ़ा दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, सार्क देशों के लिए यह चार्ज 24 डॉलर से शुरू होगा, जबकि लंबी दूरी के रूट्स जैसे अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में यह चार्ज 280 डॉलर (₹23,000) तक जा सकता है।
जेब से कितने रुपए जाएंगे? यहां देखें पूरा गणित
अब बात करते हैं उस मुद्दे की जो सीधे आपके बटुए से जुड़ा है। एअर इंडिया ने अब एक 'फ्लैट रेट' वाला सिस्टम खत्म कर दिया है। अब आप जितनी लंबी दूरी की यात्रा करेंगे, उतना ही ज्यादा पैसा देना होगा।
डोमेस्टिक (घरेलू) रूट्स का हाल:
- शुरुआती सरचार्ज: कम दूरी के लिए ₹299 एक्स्ट्रा देने होंगे।
- अधिकतम सरचार्ज: लंबी दूरी वाली फ्लाइट्स के लिए ₹899 तक बढ़त होगी।
- किस पर लागू होगा: यह नियम एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस, दोनों पर लागू होगा।
इंटरनेशनल (विदेशी) रूट्स की मार: अगर आप देश से बाहर जा रहे हैं, तो झटका और भी जोर का लगेगा।
- सार्क देश (जैसे नेपाल, श्रीलंका): यहां करीब 24 डॉलर की बढ़ोत्तरी हुई है।
- अमेरिका और कनाडा: यहां तो करीब ₹23,000 (280 डॉलर) तक जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।
- यूरोप और यूके: यहां का सफर करीब 205 डॉलर महंगा हो जाएगा।
एयरलाइंस ने कहा पूरी लागत यात्रियों पर नहीं डाली जा रही
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि वह पूरी लागत यात्रियों पर नहीं डाल रहे हैं। एयरलाइन ने कहा कि बढ़ी हुई फ्यूल लागत केवल कच्चे तेल की कीमतों से नहीं, बल्कि रिफाइनिंग मार्जिन में वृद्धि से भी जुड़ी है। हालांकि, एयरलाइन का कहना है कि वे इस बढ़ी हुई लागत का एक हिस्सा खुद वहन कर रहे हैं और यात्रियों पर पूरा बोझ नहीं डाल रहे हैं।
जेट फ्यूल: एयरलाइंस का सबसे बड़ा खर्च
जेट फ्यूल का खर्च एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है। यह कुल ऑपरेटिंग खर्च का 30% से 40% तक होता है। दुनियाभर की एयरलाइंस, जिनमें एयर इंडिया भी शामिल है, जेट फ्यूल की कीमतों में आई बढ़ोतरी के कारण अपने टिकटों के दाम बढ़ा चुकी हैं। यही कारण है कि एयरलाइन ने अपनी भविष्य की वित्तीय अनुमानों को भी रिव्यू किया है।
क्या होगा इसका प्रभाव यात्रियों पर?
अब जबकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ चुका है, यात्रियों के लिए यह एक बुरी खबर हो सकती है। बढ़े हुए किराए से यात्रा करना महंगा होगा। हालांकि, एयरलाइंस का दावा है कि यह बढ़ोतरी आवश्यक थी, क्योंकि जेट फ्यूल की कीमतों में निरंतर वृद्धि हो रही है।
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