खराब मौसम से रुकी अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा, भूस्खलन का खतरा बढ़ा
समझें क्या है पूरा मामला...
- खराब मौसम के चलते अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा रुकी।
- बालटाल और पहलगाम रूट पर रोके गए सभी श्रद्धालु।
- जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन का खतरा।
- 2022 के हादसे से सबक लेकर प्रशासन ने उठाया कदम।
- एलजी मनोज सिन्हा ने खुद लिया तैयारियों का जायजा।
जम्मू कश्मीर में खराब मौसम के चलते श्री अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है।
बालटाल और पहलगाम दोनों रूट पर श्रद्धालुओं को आगे जाने से रोका गया है। भूस्खलन का खतरा बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया। एलजी मनोज सिन्हा ने खुद तैयारियों का जायजा लिया है।
क्यों लिया गया यह फैसला
कश्मीर के मंडलायुक्त अंशुल गर्ग के अनुसार आगामी दिनों में मौसम और बिगड़ने की आशंका है। इसी वजह से यह एहतियाती कदम उठाया गया।
मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही प्रतिकूल मौसम की चेतावनी जारी कर दी थी। इसके बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए यह निर्णय लिया।
दोनों रूट पर रोके गए श्रद्धालु
अमरनाथ यात्रा के लिए दो मुख्य रास्ते हैं। एक बालटाल और दूसरा पहलगाम। प्रशासन ने दोनों ही रास्तों से यात्रा फिलहाल रोक दी है। बालटाल और नुनवान-चंदनवाड़ी आधार शिविरों से किसी भी श्रद्धालु को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। मौसम साफ होने और रास्तों की सुरक्षा जांचने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू होगी।
3.7 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन
इस साल अब तक 3.7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। लेकिन अब मौसम ने यात्रा में रुकावट डाल दी है। रविवार से घाटी के कई इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। इससे खासतौर पर बालटाल मार्ग पर भूस्खलन ( landslide) का खतरा बढ़ गया है।
2022 के हादसे ने बढ़ाई सतर्कता
साल 2022 में अमरनाथ की पवित्र गुफा के पास बादल फटने से बड़ा हादसा हुआ था। उस हादसे में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान गई थी। उसी घटना से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
एलजी मनोज सिन्हा ने एक दिन पहले ही नुनवन बेस कैंप का दौरा किया था। उन्होंने सभी आपातकालीन विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए थे।
वैष्णो देवी यात्रा भी रोकी गई
कटरा से शुरू होने वाली वैष्णो देवी यात्रा पर भी मौसम की मार पड़ी है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। श्राइन बोर्ड लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम जारी है।
श्रद्धालुओं से की गई खास अपील
श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। बोर्ड ने कहा है कि सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है। मौसम सामान्य होते ही श्रद्धालुओं को दोबारा मां के दरबार जाने की अनुमति मिल जाएगी।
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