ऑनलाइन शॉपिंग होगी महंगी! Flipkart-Amazon ने वेंडर्स पर बढ़ाई सख्ती

Aman Vaishnav | Aug 25, 2026, 07:55 IST
Flipkart-Amazon ने वेंडर्स पर बढ़ाई सख्ती
अमेजन और फ्लिपकार्ट ने त्योहारों से पहले वेंडर्स के लिए नियम और शुल्क सख्त कर दिए हैं। अब विक्रेता अगर ऑर्डर कैंसिल करता है या देरी से भेजता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • अमेजन और फ्लिपकार्ट ने त्योहारी सीजन से पहले वेंडर के लिए नियम सख्त किए हैं।
  • ऑर्डर रद्द होने या डिलीवरी में देरी पर अब भारी जुर्माना लगेगा।
  • अमेजन पर यह जुर्माना 1,600 रुपए तक जा सकता है।
  • फ्लिपकार्ट ने भी अलग स्लैब में जुर्माना तय किया है।
  • अमेजन ने साथ ही अपनी क्लोजिंग फीस भी बढ़ा दी है।

त्योहारी सीजन से ठीक पहले अमेजन और फ्लिपकार्ट ने वेंडर के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। ऑर्डर कैंसिल होने या डिलीवरी में देरी होने पर अब वेंडर को भारी जुर्माना देना होगा।



अमेजन ने साथ ही क्लोजिंग फीस भी बढ़ा दी है। कंपनियों का कहना है कि ईंधन और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से यह फैसला लिया गया है। जानकारों के मुताबिक इसका असर आगे चलकर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है।



दरअसल हर साल त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में अगर वेंडर ऑर्डर रद्द करते हैं या डिलीवरी में देरी करते हैं, तो ग्राहकों का भरोसा टूटता है।



इसी वजह से कंपनियां चाहती हैं कि वेंडर ज्यादा जिम्मेदारी से काम करें। जुर्माने का यह कदम इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।



अमेजन का नया जुर्माना ढांचा

Amazonपर अब महंगा ऑर्डर रद्द होने पर वेंडर को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं तय समय पर सामान शिप नहीं होता तो जुर्माना 1,600 रुपए तक जा सकता है।



यह जुर्माना दो तरह से लागू होगा। पहला, अगर वेंडर खुद अपनी तरफ से ऑर्डर रद्द करता है। दूसरा, अगर वेंडर तय शिपिंग तारीख के 24 घंटे के भीतर सामान भेजने और उसकी पुष्टि करने में विफल रहता है। ऐसी स्थिति में अमेजन खुद ऑर्डर रद्द कर देता है, लेकिन फिर भी शुल्क वेंडर से ही वसूला जाएगा।



जुर्माने की रकम ऑर्डर की कीमत पर निर्भर करेगी। 5 हजार रुपए के ऑर्डर पर 10 प्रतिशत की दर से करीब 500 रुपए का शुल्क लग सकता है।



वहीं 20 हजार के ऑर्डर पर 8 प्रतिशत की दर से यह रकम 1,600 रुपए तक पहुंच सकती है। यानी जितना महंगा ऑर्डर, उतना ही भारी जुर्माना। छोटे मुनाफे पर काम करने वाले वेंडर के लिए यह नियम खासतौर पर मुश्किल साबित हो सकता है।



फ्लिपकार्ट के सख्त नियम

Flipkartने भी डिलीवरी में चूक होने पर कड़े जुर्माने तय किए हैं। यह नियम कम से कम तीन महीने पुराने वेंडर पर लागू होगा। अगर तय तारीख तक सामान लॉजिस्टिक्स पार्टनर को नहीं सौंपा गया, तो वेंडर को 30 रुपए देने होंगे।



ग्राहक का ऑर्डर मिलने के बाद अगर वेंडर उसे रद्द करता है, तो शुल्क 60 रुपए तक बढ़ जाएगा। वहीं भेजने की तय समयसीमा चूकने के बाद भी अगर ऑर्डर रद्द किया जाता है, तो वेंडर को 90 रुपए तक चुकाने होंगे।



एक वेंडर ने बताया कि त्योहारी सीजन से पहले फीस में बढ़ोतरी होना कोई नई बात नहीं है। लेकिन कम मुनाफे पर काम करने वाले छोटे वेंडर के लिए यह बदलाव मुश्किलें बढ़ा सकता है। कई वेंडर पहले से ही लागत और प्रतिस्पर्धा के दबाव में हैं।



क्लोजिंग फीस भी बढ़ी

7 सितंबर से अमेजन क्लोजिंग फीस भी बढ़ा रही है। 500 रुपए तक के प्रोडक्ट पर यह फीस 1 रुपए बढ़ेगी। वहीं 500 रुपए से अधिक कीमत वाले प्रोडक्ट पर यह बढ़ोतरी 3 रुपए तक होगी।



कंपनी ने इसकी वजह ईंधन और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत बताई है। यह बढ़ोतरी फुलफिलमेंट सेंटर, ईजी शिप और सेलर फ्लेक्स तीनों माध्यमों से बेचने वाले वेंडर पर लागू होगी।



जानकारों के मुताबिक फिलहाल यह शुल्क सीधे ग्राहकों पर नहीं लगाया गया है। लेकिन आगे चलकर वेंडर की लागत बढ़ने पर इसका कुछ हिस्सा प्रोडक्ट की कीमत में भी जुड़ सकता है।



ग्राहकों पर क्या असर होगा

इन नए नियमों का एक सकारात्मक पहलू भी हो सकता है। ऑर्डर रद्द करना या सामान भेजने में देरी करना अब वेंडर के लिए महंगा सौदा बन गया है। इससे वेंडर समय पर डिलीवरी को लेकर ज्यादा सतर्क रहेंगे। इसका सीधा फायदा ग्राहकों को समय पर डिलीवरी के भरोसे के रूप में मिल सकता है।



हालांकि दूसरी तरफ, अगर वेंडर की लागत लगातार बढ़ती रहती है, तो त्योहारी सीजन में प्रोडक्ट की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में ग्राहकों को कुछ प्रोडक्ट पहले से थोड़े महंगे मिल सकते हैं। कुल मिलाकर यह बदलाव वेंडर और ग्राहक दोनों के लिए मायने रखता है।



FAQ

  1. अमेजन पर वेंडर को कितना जुर्माना देना पड़ सकता है?
    अगर ऑर्डर रद्द होता है या तय समय पर शिप नहीं होता, तो जुर्माना 1,600 रुपए तक जा सकता है। यह ऑर्डर की कीमत पर निर्भर करता है। 20 हजार रुपए के ऑर्डर पर 8 प्रतिशत तक की दर लागू हो सकती है।
  2. फ्लिपकार्ट का जुर्माना कब से लागू होगा?
    यह नियम कम से कम तीन महीने पुराने वेंडर पर लागू होगा। सामान समय पर न सौंपने या ऑर्डर रद्द करने पर ₹30 से ₹90 रुपए तक शुल्क लग सकता है।

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