अमेरिका ने ईरान के 13 जहाजों को वापस लौटाया, ईरान ने अमेरिका की नाकाबंदी पर चेतावनी दी
Neews In Short
- अमेरिका ने 13 ईरानी जहाजों को लौटाया।
- होर्मुज नाकाबंदी के बाद कोई जहाज नहीं पहुंचा।
- अमेरिका-ईरान शांति समझौते के करीब।
- इजराइल-लेबनान के बीच 34 साल बाद बातचीत।
- ईरान ने व्यापार रोकने की धमकी दी।
News In Detail
ईरान अमेरिका जंग।अमेरिका ने हाल ही में ईरान से निकलने की कोशिश कर रहे 13 जहाजों को वापस लौटा दिया। यह कदम अमेरिका की होर्मुज की नाकाबंदी का हिस्सा है, जिससे कोई भी जहाज अब तक इस मार्ग से नहीं गुजरा।
इधर, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के संकेत मिल रहे हैं, और 21 अप्रैल से पहले सीजफायर को बढ़ाने की संभावना है। इजराइल और लेबनान के नेता भी आज पहली बार 34 साल में सीधी बातचीत करेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच नाकाबंदी
अमेरिका ने हाल ही में ईरान से निकलने की कोशिश कर रहे 13 जहाजों को वापस लौटा दिया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के समुद्री इलाके में नाकाबंदी कर रखी है, और अब तक कोई भी जहाज इस नाकाबंदी को पार करने में सफल नहीं हुआ है।
यह नाकाबंदी सोमवार से शुरू हुई थी और इसे अब तक सफल माना जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने का प्रयास कर रहे जहाजों को अमेरिकन नौसेना ने रोक लिया और उन्हें वापस भेज दिया।
ईरान की चेतावनी
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि नाकाबंदी जारी रही तो वह खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार को बाधित कर सकता है। यह चेतावनी अमेरिकी अधिकारियों के लिए एक बड़ा चुनौती है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल और लेबनान के नेताओं से कहा कि वे आज युद्ध समाप्त करने पर सीधे बातचीत करेंगे। यह दोनों देशों के बीच 34 साल में पहली सीधी मुलाकात होगी। इजराइल और लेबनान ने आखिरी बार 1991 में मैड्रिड कॉन्फ्रेंस में बातचीत की थी।
अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई
उधर, अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS स्प्रूएंस ने बुधवार को एक ईरानी जहाज को रोककर उसे वापस भेज दिया। इससे पहले ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री संघर्ष तेज हो चुका था। अमेरिका ने कहा है कि वह अपने पोर्ट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन कार्रवाईयों को जारी रखेगा।
अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत भी लगातार आगे बढ़ रही है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच सीजफायर से पहले समझौते की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि, कुछ मतभेद अब भी बाकी हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे अब तक इस समझौते के करीब पहुंच चुके हैं, और 21 अप्रैल से पहले इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।
पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की की भूमिका
इस बीच, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थ के रूप में भूमिका निभा रहे हैं, और वे दोनों पक्षों के बीच शांति बनाए रखने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और स्टीव
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