ईरान-अमेरिका शांति वार्ता: अमेरिका ने कहा, जब्त संपत्ति का 25% ही मिलेगा, रखी 5 शर्तें
ऐसे समझें पूरा मामला...
- अमेरिका ने ईरान को 5 बड़ी शर्तें दीं।
- 400 किग्रा एनरिच्ड यूरेनियम सौंपना होगा।
- जब्त संपत्ति का केवल 25% ही मिलेगा वापस।
- UAE के परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमला हुआ।
- ईरान ने पाक के जरिए शांति प्रस्ताव भेजा।
ईरान-अमेरिका तनाव में नया मोड़ पर आ गया है। अमेरिका ने शांति वार्ता के लिए पांच कड़ी शर्तें रखी हैं। इनमें एनरिच्ड यूरेनियम (Enriched Uranium) सौंपना और मुआवजे से साफ इनकार शामिल है।
दूसरी ओर ईरान ने पाकिस्तान के जरिए 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और लेबनान में इजराइली हमले भी जारी हैं।
अमेरिका की 5 बड़ी शर्तें
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी (Fars News Agency) के अनुसार, अमेरिका ने शांति प्रक्रिया के लिए पांच बड़ी शर्तें रखी हैं। पहली शर्त यह है कि अमेरिका ईरान को बमबारी से हुए नुकसान का कोई मुआवजा नहीं देगा। दूसरी शर्त के तहत ईरान को अपना 400 किलोग्राम एनरिच्ड यूरेनियम (Enriched Uranium) अमेरिका को सौंपना होगा।
तीसरी शर्त यह है कि ईरान में केवल एक परमाणु केंद्र (Nuclear Center) चालू रहेगा। चौथी शर्त के अनुसार ईरान की जब्त विदेशी संपत्तियों (Frozen Assets) में से 25% से अधिक रकम जारी नहीं की जाएगी। पांचवीं शर्त में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्ति का मुद्दा बातचीत से हल करने की बात है।
होर्मुज पर ईरान की चेतावनी
ईरान ने अमेरिका से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी खत्म करने की मांग की है। ईरान ने धमकी दी है कि ऐसा न करने पर ओमान सागर (Sea of Oman) को अमेरिकी सेना का कब्रगाह बना दिया जाएगा।
यह बयान दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा करता है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। इस पर रोक से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकता है।
UAE परमाणु संयंत्र पर हमला
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Barakah Nuclear Power Plant) के बाहर ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। यह पहली बार है जब UAE के किसी परमाणु स्थल को निशाना बनाया गया।
शुरुआती जांच में ईरान पर संदेह जताया जा रहा है। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस हमले की निंदा कर रहा है।
भारत का होर्मुज पर रुख
भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजरानी (Commercial Shipping) रोकने को अस्वीकार्य बताया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने यह बात स्पष्ट रूप से कही।
जंग शुरू होने के बाद से अब तक 15 एलपीजी जहाज (LPG Ships) भारत पहुंच चुके हैं। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एलपीजी टैंकर 'सिमी' 20 हजार टन गैस लेकर कांडला पोर्ट पहुंचा। भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए होर्मुज मार्ग बेहद जरूरी है।
ट्रम्प का नया परमाणु प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने पहली बार स्थायी रोक के बजाय 20 साल के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) को निलंबित करने की बात कही।
ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी कि उसका समय तेजी से खत्म हो रहा है। यह प्रस्ताव ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता (Nuclear Talks) में एक नया पहलू जोड़ता है। दोनों देशों के बीच सहमति बनना अभी भी मुश्किल दिख रहा है। आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
ईरान का 14 सूत्रीय प्रस्ताव
ईरान ने पाकिस्तान (Pakistan) के जरिए अमेरिका को एक नया 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस प्रस्ताव का मुख्य फोकस युद्ध खत्म करना और भरोसा बहाल करना है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान में अपना दौरा तीन दिन तक बढ़ाया। वह ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह प्रस्ताव शांति वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इजराइल और लेबनान में हमले
संघर्ष विराम (Ceasefire) के बावजूद इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में 30 से अधिक हमले किए। इजराइली सेना ने हारूफ, बोरज एल चमाली और देबाल गांव के निवासियों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी।
इन गांवों पर जल्द हमले की धमकी दी गई है। हजारों लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। लेबनान में मानवीय संकट लगातार गहरा होता जा रहा है।
अमेरिका का ईरान पर आर्थिक दबाव
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने G7 देशों से ईरान पर लगे प्रतिबंधों (Sanctions) का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान की फंडिंग (Funding) रोकना है।
अमेरिका चाहता है कि सभी बड़े देश मिलकर ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखें। IRGC ने उत्तरी इराक में अमेरिका और इजराइल समर्थित आतंकी समूहों को निशाना बनाने का दावा किया है। इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
FAQ
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की धमकी का भारत पर क्या असर पड़ेगा?
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे व्यस्त तेल और एलपीजी मार्गों में से एक है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि नाकाबंदी न हटाने पर ओमान सागर में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। भारत के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से पूरा करता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि ने स्पष्ट कहा है कि होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजरानी रोकना अस्वीकार्य है। जंग शुरू होने के बाद से अब तक 15 एलपीजी जहाज भारत पहुंच चुके हैं, लेकिन यदि तनाव और बढ़ा तो भारत की ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है। - ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को क्या शांति प्रस्ताव भेजा है?
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान (Pakistan) को मध्यस्थ बनाते हुए अमेरिका को एक नया 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना और दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाल करना है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान में अपना दौरा बढ़ाया और वह सक्रिय रूप से ईरान-अमेरिका शांति वार्ता (Iran-America Peace Talks) में मध्यस्थता निभा रहे हैं। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को 20 साल के लिए निलंबित करने का नया प्रस्ताव रखा है। दोनों पक्षों के बीच अभी भी कई मुद्दों पर गहरे मतभेद बने हुए हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
होर्मुज संकट पर भारत ने दिखाए कड़े तेवर, ईरान बोला- जो हमारे साथ, रास्ता सिर्फ उसके लिए
अमेरिका फिर करेगा ईरान पर हमला! 50 हजार सैनिक तैनात, ईरान ने दी UAE-कुवैत को धमकी
ईरान-इजराइल युद्ध: ईरान ने दी खुली धमकी, कहा- अमेरिका का साथ दिया तो खैर नहीं!