अमेरिका-ईरान समझौता : होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा, ट्रम्प और मुजतबा खामेनेई की मंजूरी बाकी
अमेरिका और ईरान युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर सहमत हुए हैं। अभी अंतिम मंजूरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से मिलनी बाकी है। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार समझौते पर अभी दस्तखत नहीं हुए हैं। इसमें कुछ दिन लग सकते हैं।
ईरान की तरफ से अभी सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है। पिछले 24 घंटे में ईरानी अधिकारियों के बयानों में थोड़ा अंतर देखा गया है। अमेरिका-ईरान प्रस्ताव के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट खोला जाएगा और ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को खत्म करने पर सहमत होगा। ट्रम्प चाहते हैं कि यह सामग्री अमेरिका के कब्जे में जाए। उन्होंने लोगों से समझौते में जल्दबाजी न करने को कहा है।
24 घंटे के प्रमुख अपडेट्स
समझौते पर दस्तखत नहीं
अमेरिका और ईरान ने अब तक कोई दस्तखत नहीं किए हैं। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दोनों देश जल्द ही सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने पर सहमत हो सकते हैं।
ओमान के जरिए संदेश
ईरान ने ओमान के माध्यम से अमेरिका को अपना संदेश भेजा है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री अब्बास अराघची का संदेश ओमान के विदेश मंत्री तक पहुंचाया।
सुप्रीम लीडर की मंजूरी जरूरी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि कोई बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।
इजराइल की चिंता
अमेरिका-ईरान युद्ध समझौते से इजराइल में चिंता बढ़ गई। इजराइली अधिकारी ने कहा कि इससे ईरान को होर्मुज को दबाव बनाने के हथियार की तरह इस्तेमाल करने का संदेश जाएगा।
होर्मुज खुलेगा, यूरेनियम खत्म होगा?
इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की बात है। यह तेल की सप्लाई के लिए बहुत अहम है। इसके बदले ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम भंडार खत्म करने पर राजी होगा।
लेकिन यह प्रक्रिया कैसे होगी, इस पर अभी बात चल रही है। ट्रम्प चाहते हैं कि अमेरिका खुद इस सामग्री को कब्जे में ले। यह एक अहम मुद्दा है, जिस पर दोनों देशों को आम सहमति बनानी होगी।
ईरान की शर्तें
ईरान के सांसद महमूद नबावियन ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अगर समझौते में ईरान की मुख्य मांगें शामिल नहीं होतीं, तो यह ईरान के लिए हार होगी। उनकी मांगों में..
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी संप्रभुता
- युद्ध हर्जाना और सभी प्रतिबंधों को हटाना
- टोल वसूली का अधिकार और विदेशों में फंसी रकम की रिहाई
- क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी
- यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की मान्यता
- ईरान की सुरक्षा गारंटी
उन्होंने कहा कि यदि ये शर्तें शामिल नहीं होतीं तो समझौता नुकसानदेह होगा।
आगे क्या होगा?
अभी यह समझौता शुरुआती दौर में है। कई पेच बाकी हैं। देखना होगा कि ट्रम्प और खामेनेई की मंजूरी मिलती है या नहीं। अगर मिलती है, तो यह मध्य पूर्व में शांति के लिए एक बड़ा कदम होगा।
यह समझौता पूरी दुनिया के लिए अहम है। तेल की सप्लाई बहाल होने से दुनिया भर में तेल की कीमतें कम हो सकती हैं। जंग का खतरा कम होने से तनाव भी कम होगा।
नेतन्याहू और इजराइल की प्रतिक्रिया
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उन्होंने ट्रम्प के साथ AI से बनाई गई तस्वीर साझा की और ट्वीट किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम उनके लिए खतरा है।
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