दिग्गज एक्टर अनंत नाग को मिला दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, पीएम मोदी ने दी बधाई
Anant Nag Dadasaheb Phalke Award: भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसे कलाकार हुए हैं, जिन्होंने अपनी एफ्फोर्ट्लेस्स एक्टिंग और वर्सटाइल टैलेंट से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। ऐसे ही एक टाइमलेस और मल्टीलिंगुअल अभिनेता हैं अनंत नाग।
पांच दशकों से भी लंबे अपने शानदार करियर में उन्होंने कन्नड़, हिंदी, तमिल, तेलुगू और मराठी सिनेमा में तीन सौ से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। दूरदर्शन के ऐतिहासिक धारावाहिक मालगुडी डेज में स्वामी के पिता का यादगार रोल हो या ब्लॉकबस्टर फिल्म KGF में उनका इम्प्रेससिव एक्टिंग, उन्होंने हर पीढ़ी के दिल को छुआ है।
इसी यूनिक कंट्रीब्यूशन को नमन करते हुए भारत सरकार ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और प्रेस्टीजियस अवार्ड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड 2024 से सम्मानित किया गया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के इस ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे देश और फिल्म जगत ने उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
कौन हैं दिग्गज एक्टर अनंत नाग
अनंत नाग इंडियन सिनेमा के एक बहुत ही वर्सेटाइल और लीजेंड्री एक्टर हैं। उनका जन्म 4 सितंबर 1948 को हुआ था। उनका असली नाम अनंत नागरकट्टे है। उन्होंने कन्नड़ फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई अलग भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने हिंदी, तेलुगू, तमिल, मराठी और मलयालम सिनेमा में काम किया है।
अनंत नाग को दूरदर्शन के मशहूर टीवी शो 'मालगुडी डेज' से बहुत पहचान मिली। घर-घर में लोग उन्हें स्वामी के पिता के रोल के लिए जानने लगे थे। ब्लॉकबस्टर फिल्म 'KGF' में उनका काम लोगों को बहुत पसंद आया था। 78 साल की उम्र में भी उनका एक्टिंग के प्रति पैशन देखने लायक है। उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में अपने बेहतरीन काम से दर्शकों का दिल जीता है।
दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड का ऐलान
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस अवॉर्ड का ऑफिशियल अनाउंसमेंट किया है। गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने पीआईबी के जरिए यह खुशखबरी शेयर की है। अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड कमिटी की सिफारिश पर यह सम्मान मिलेगा। यह सम्मान उन्हें इंडियन सिनेमा में उनके बड़े योगदान के लिए दिया जाएगा।
यह सेरेमनी 22 सितंबर 2026 को केवडिया, गुजरात में आयोजित की जाएगी। 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स फंक्शन में उन्हें यह ट्रॉफी सौंपी जाएगी। भारतीय सिनेमा का यह सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है।
इस खबर के सामने आते ही सिनेमा जगत में खुशी का माहौल है। फैंस और स्टार्स सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार विश कर रहे हैं। यह मोमेंट कन्नड़ सिनेमा के लिए एक बहुत बड़ा प्राउड मोमेंट है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखा। उन्होंने अनंत नाग जी को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड मिलने पर बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि कई दशकों से उनका काम बहुत शानदार रहा है। उनकी सहज एक्टिंग ने भारतीय सिनेमा पर एक बहुत गहरी छाप छोड़ी है। विशेष रूप से कन्नड़ सिनेमा को आगे बढ़ाने में उनका बड़ा रोल रहा है।
उन्होंने अपने हर कैरेक्टर में हमेशा दुर्लभ गहराई और सच्चाई भरी है। पीएम ने कहा कि अनंत नाग सच में इस सम्मान के पूरे हकदार हैं। उनकी वर्सेटिलिटी और टैलेंट ने कई पीढ़ियों के कलाकारों को इंस्पायर किया है। पीएम का यह मैसेज सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस भी पीएम मोदी के इस स्पेशल पोस्ट की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
अनंत नाग का शानदार फिल्मी सफर
अनंत नाग ने अपने करियर की शुरुआत थियेटर और नाटकों से की थी। उन्होंने कन्नड़ फिल्म 'संकल्प' से बतौर लीड एक्टर अपना डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में भी उन्होंने अपनी एक्टिंग का लोहा मजबूती से मनवाया। फिल्म 'अंकुर', 'भूमिका' और 'कालीचरण' में उनका काम यादगार रहा।
फिल्म 'जुर्म' में भी दर्शकों ने उनके अभिनय को बहुत पसंद किया था। वे सीरियस रोल से लेकर कॉमेडी रोल तक बड़ी सहजता से निभाते हैं। उनकी यही खूबी उन्हें दूसरे एक्टर्स से एकदम अलग बनाती है। वे सिनेमा, थियेटर और टीवी तीनों ही मीडियम में सफल रहे हैं। इंडस्ट्री में उन्हें एक बहुत ही रिस्पेक्टेड पर्सनैलिटी माना जाता है।
सम्मान और उपलब्धियों से भरा करियर
अनंत नाग को इससे पहले भी कई बड़े नागरिक सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें साल 2025 में देश के तीसरे बड़े सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया था। इसके अलावा उन्हें कई राज्य स्तरीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं। अब दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड मिलना उनकी लाइफ का सबसे बड़ा अचीवमेंट है।
50 साल लंबे करियर में उन्होंने हमेशा अपने काम से मैसेज दिया है। वे एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वे कर्नाटक सरकार में मंत्री के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
उनके इस सफर से युवा कलाकारों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उनकी एक्टिंग स्किल्स आज भी यंग जनरेशन के लिए एक इंस्पिरेशन हैं। सिनेमा प्रेमी उन्हें एक सच्चा और लीजेंड्री आर्टिस्ट मानते हैं।
दादासाहेब फाल्के अवार्ड के बारे में
दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स भारतीय सिनेमा का सबसे सर्वोच्च और प्रतिष्ठित सम्मान है। यह पुरस्कार भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा हर साल दिया जाता है। इस पुरस्कार की शुरुआत साल 1969 में हुई थी, जिसे दादासाहेब फाल्के के सम्मान में शुरू किया गया था।
दादासाहेब फाल्के को 'भारतीय सिनेमा का पितामह' (फादर ऑफ इंडियन सिनेमा) माना जाता है, क्योंकि उन्होंने 1913 में भारत की पहली फुल-लेंथ फीचर फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' बनाई थी। यह पुरस्कार उन कलाकारों को दिया जाता है, जिन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग के विकास और प्रगति में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया हो।
इस पुरस्कार के तहत एक 'स्वर्ण कमल' (गोल्डन लोटस), 10 लाख रुपए का नकद पुरस्कार और एक शॉल भेंट की जाती है। देविका रानी इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाली पहली कलाकार थीं। भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े दिग्गजों को इस खास सम्मान से नवाजा जाता है। कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री
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