आधार कार्ड देखकर करो प्यार, युवती के सवाल पर अनिरुद्धाचार्य का जवाब

Sanjay Dhiman | Sept 07, 2026, 19:14 IST
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करनाल में अनिरुद्धाचार्य की कथा में युवती ने इंटरकास्ट मैरिज पर सवाल पूछे। आचार्य ने कहा, प्यार से पहले आधार कार्ड देखना चाहिए। मां ने युवती को महीनेभर बंद रखा था।

करनाल में अनिरुद्धाचार्य की कथा में एक युवती ने सवाल पूछा। युवती ने अलग जाति के युवक से प्रेम विवाह किया था। परिवार के विरोध पर मां ने उसे महीनेभर घर में बंद रखा। आचार्य ने कहा कि प्यार से पहले जाति जरूर देखनी चाहिए। उन्होंने युवती को पति के साथ रहने की सलाह भी दी।



क्या हुआ करनाल में

हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी में अनिरुद्धाचार्य की कथा चल रही थी। कथा के बाद हर बार की तरह प्रश्नोत्तरी का सत्र रखा गया था। इसी दौरान नीलोखेड़ी की रहने वाली एक युवती माइक लेकर सामने आई। उसने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील सवाल पूछा। यह पूरा वाकया अब कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।



युवती ने क्या बताया

युवती ने बताया कि वह पिछले चार साल से एक प्राइवेट नौकरी कर रही थी। वहीं उसे एक युवक से प्यार हो गया, जो दूसरी जाति से है। उसने घर पर यह बात बताई और शादी की इजाजत मांगी। मगर मां इसके लिए तैयार नहीं हुईं। युवती ने कहा कि वह ब्राह्मण परिवार से है, जबकि युवक एससी (SC – Scheduled Caste) जाति से है। जाति के अंतर के कारण ही मां ने रिश्ता स्वीकार नहीं किया।



युवती के मुताबिक एक दिन मां उसे जबरन ऑफिस से घर ले आईं। इसके बाद उसे कमरे में बंद कर दिया गया और मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। करीब एक महीने तक उसे न बाहर जाने दिया गया, न नौकरी पर। बाद में युवती ने खुद फैसला लेते हुए उसी युवक से शादी कर ली।



आचार्य का जवाब

युवती की पूरी बात सुनने के बाद अनिरुद्धाचार्य ने धार्मिक मान्यताओं का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि प्रेम तो कुत्ते-गधे से भी हो सकता है। लेकिन इंसानों को प्यार करने से पहले सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। उन्होंने इसे सीधे तौर पर चमड़ी का आकर्षण बताया। उनका कहना था कि रिश्ता जोड़ने से पहले परिवार, पृष्ठभूमि और परिस्थितियां जरूर देखनी चाहिए।



आचार्य ने यह भी कहा कि शास्त्रों में अलग-अलग वर्णों के विवाह को लेकर अलग व्यवस्थाएं बताई गई हैं। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि संविधान और आधुनिक समाज की नजर में युवती के फैसले को अलग नजरिए से भी देखा जा सकता है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि अब जब शादी हो चुकी है, तो युवती को अपने पति के साथ रिश्ता निभाना चाहिए।



मां का पक्ष भी सुना

अनिरुद्धाचार्य ने युवती की मां का पक्ष भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि मां ने बेटी को पढ़ाया-लिखाया और नौकरी करने की आजादी भी दी। उनके मुताबिक बेटी के इस फैसले से मां का दिल टूट गया होगा। आचार्य ने युवती से पूछा कि क्या उसकी मां अपने पति से प्रेम करती हैं। युवती ने हां में जवाब दिया। इस पर आचार्य ने कहा कि मां अपने पति को छोड़कर कभी नहीं भागीं, बल्कि परिवार के साथ रहीं। उन्होंने युवती को सलाह दी कि वह भी अपनी मां से दोबारा बात करने की कोशिश करे।



वीडियो हुआ वायरल

युवती और आचार्य के बीच हुई यह पूरी बातचीत अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोग आचार्य के जवाब का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे जातिवाद बढ़ावा देने वाला बयान बता रहे हैं। युवती ने साफ कहा कि वह अपने परिवार से रिश्ता खत्म नहीं करना चाहती। उसकी बस इतनी ही चाहत है कि परिवार उसे और उसके पति को स्वीकार कर ले।



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अनिरुद्धाचार्य का बयान



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