एफेलियन 2025: 3 जुलाई को सबसे अधिक दूरी पर होंगे पृथ्वी और सूर्य, जानें क्या है वजह?
3 जुलाई 2025 की रात एक खास खगोलीय घटना घटित हो रही है। जब पृथ्वी सूर्य से साल की सबसे ज्यादा दूरी पर होगी। इस घटना को खगोल विज्ञान में "एफेलियन" (Aphelion) कहते हैं।
यह स्थिति हर साल जुलाई के महीने में आती है और इसका वैज्ञानिक महत्व बहुत अधिक रहता है। इधर मानसून का सीजन चल रहा है, ऐसे में सूर्य के दर्शन कम होते हैं, वहीं बारिश का दौर भी लगातार जारी है। इसी बीच यह खगोलीय घटना घटित हो रही है। बारिश के सीजन में हो रही यह घटना बहुत ही अहम मानी जा रही है।
कितनी बजे होगी यह खगोलीय घटना
नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि इस घटना को खगोल विज्ञान में एफेलियन (Aphelion) के नाम से जाना जाता है। यह घटना गुरुवार की रात को हो रही है।
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आधी रात को घटित होगी घटना
सारिका घारू ने बताया कि साल में दो बार अद्भुत खगोलीय घटनाएं होती हैं। गुरुवार की रात ठीक 1:24 AM पर पृथ्वी सूर्य से लगभग 15 करोड़ 20 लाख 87 हजार 738 किमी की दूरी पर होगी। यह 2025 की सबसे अधिक दूरी है, जो वैज्ञानिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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एफेलियन और पेरिहेलियन क्या है?
सारिका घारू ने बताया कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्तीय (elliptical) कक्षा में परिक्रमा करती है। जनवरी में जब पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट होती है, उसे "पेरिहेलियन" (Perihelion) कहते हैं।
जुलाई में जब वह सबसे दूर होती है, उसे एफेलियन (Aphelion) कहा जाता है।
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आपके लिए यह भी होगा रोचक
अगर 4 जुलाई की सुबह आपको मानसून के बादल छटने पर सूर्य के दर्शन होते हैं, तो यह जानना रोचक होगा कि आप साल 2025 में सूर्य के सबसे दूर बिंदु पर स्थित अवस्था में उसे देख रहे हैं।
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कब-कब होती है कितनी दूरी?
| दिनांक | पृथ्वी-सूर्य की दूरी | खगोलीय स्थिति |
|---|---|---|
| 4 जनवरी | 14 करोड़ 71 लाख 3 हजार 686 किमी | पेरिहेलियन |
| 3 जुलाई | 15 करोड़ 20 लाख 87 हजार 738 किमी | एफेलियन |
क्या तापमान पर पड़ता है असर?
सारिका घारू के अनुसार, सूर्य से दूरी में यह परिवर्तन हमारे मौसम पर सीधे तौर पर ज्यादा असर नहीं डालता, क्योंकि मौसम मुख्यतः धरती की धुरी के झुकाव पर निर्भर करता है, दूरी पर नहीं।
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