बंगाल की खाड़ी से उठे अर्नब तूफान ने बढ़ाई चिंता, 48 घंटे तक दिख सकता है असर, मध्य प्रदेश में भी बारिश का अलर्ट
अर्नब तूफान कितना खतरनाक?
अर्नब इस सीजन का पहला चक्रवाती तूफान है। यह बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञ इसे काफी ताकतवर मान रहे हैं। तूफान के तट से टकराने के बाद इसका असर तुरंत खत्म नहीं होगा।
इसे कमजोर होने में कम से कम 36 से 48 घंटे लग सकते हैं। भारत में अक्टूबर के दौरान पहले भी कई बड़े तूफान आए हैं। इनमें 1999 का सुपर साइक्लोन शामिल है।
इसके अलावा 2013 का फाइलिन और 2014 का हुदहुद तूफान भी काफी खतरनाक था। हालांकि अर्नब की ताकत इन बड़े तूफानों जितनी होने की संभावना नहीं है।
आंध्र प्रदेश में क्या तैयारियां?
अर्नब तूफान से आंध्र प्रदेश के प्रभावित होने की सबसे ज्यादा आशंका है। इसी कारण राज्य में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए हैं। सरकार का जोर लोगों की जान बचाने पर है। प्रशासन को हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
मकसद तूफान से होने वाले नुकसान को कम करना है। आंध्र प्रदेश में National Disaster Response Force यानी NDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों को जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य करना होगा। स्थानीय प्रशासन भी तूफान से निपटने की तैयारी में जुटा है।
दो महीने में दो और तूफान?
अर्नब के बाद भी मौसम का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होगा। अगले दो महीने में दो और चक्रवाती तूफान आने की आशंका है। इसरो के एक रिसर्च में भी तीन तूफान आने की संभावना जताई गई है।
रिसर्च के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर के बीच तीन तूफान बन सकते हैं। इन तूफानों का Power Dissipation Index यानी PDI पिछले 44 साल के औसत से करीब 83% अधिक रह सकता है।
PDI से तूफान की ताकत और उसकी अवधि का अंदाजा लगाया जाता है। यह बताता है कि तूफान कितनी ऊर्जा के साथ सक्रिय रह सकता है। हालांकि यह केवल रिसर्च पर आधारित अनुमान है और ये जरूरी नहीं कि सभी तीन तूफान बनें।
साल में कब आते हैं तूफान?
स्काईमेट के मौसम विज्ञानी ने तूफानों को लेकर जानकारी दी है। उनके मुताबिक भारत में आमतौर पर दो सीजन में चक्रवाती तूफान आते हैं।
पहला सीजन अप्रैल से मई के बीच रहता है। दूसरा सीजन अक्टूबर से दिसंबर तक चलता है। पहले सीजन में दो तूफान आने की संभावना रहती है।
वहीं दूसरे सीजन में तीन तूफान बन सकते हैं। हालांकि हर साल सभी संभावित तूफान नहीं बनते हैं। कई बार तूफान तट से टकराने के बाद कमजोर हो जाते हैं। इसलिए तूफानों की वास्तविक संख्या हर साल अलग हो सकती है।
भोपाल में कैसा रहा मौसम?
अर्नब तूफान का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी दिखाई दिया। सोमवार को भोपाल में दिनभर बादलों की आवाजाही रही। आसमान में करीब 600 मीटर की ऊंचाई तक बादल छाए रहे।
इस दौरान 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। भोपाल का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले 24 घंटे के मुकाबले 0.1 डिग्री कम रहा।
वहीं अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा। बादलों और हवाओं के कारण शहर के मौसम में बदलाव देखा गया।
मध्य प्रदेश में कब होगी बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में 27 अक्टूबर से बारिश शुरू होने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं। कुछ इलाकों में बारिश भी हो सकती है।
Weather Alert के मुताबिक 28 और 29 अक्टूबर को इसका असर बढ़ सकता है। भोपाल के साथ मालवा और निमाड़ तक बारिश का असर रहने के आसार हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार मौसम में बदलाव हो सकता है।
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
चक्रवाती तूफान के दौरान तेज हवाएं और बारिश परेशानी बढ़ा सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान देना चाहिए। तेज हवा चलने पर पेड़ों और कमजोर निर्माण के पास खड़े होने से बचें।
बिजली चमकने पर खुले मैदान में न रहें। बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी बरतें। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। अर्नब तूफान को लेकर फिलहाल सबसे ज्यादा चिंता आंध्र प्रदेश में है।
वहीं मध्य प्रदेश में इसके असर से मौसम बदलने की संभावना है। आने वाले दिनों में बारिश और तूफान की स्थिति मौसम विभाग के नए अपडेट से साफ होगी।
FAQs:
- अर्नब तूफान कितना खतरनाक है?
अर्नब इस सीजन का पहला चक्रवाती तूफान है जो बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञ इसे काफी ताकतवर मान रहे हैं, लेकिन इसकी शक्ति 1999 के सुपर साइक्लोन, 2013 के फाइलिन और 2014 के हुदहुद तूफान के बराबर नहीं होगी। - आंध्र प्रदेश में अर्नब तूफान के लिए क्या तैयारियां की गई हैं?
आंध्र प्रदेश में अर्नब तूफान के असर से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं और NDRF की 10 टीमों को तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन भी राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार है। - क्या अक्टूबर-दिसंबर के बीच और चक्रवाती तूफान आने की संभावना है?
हां, अक्टूबर से दिसंबर के बीच तीन और चक्रवाती तूफान आने की संभावना है। इसरो के अध्ययन में ऐसा अनुमान लगाया गया है कि इन तूफानों का Power Dissipation Index पिछले 44 वर्षों के औसत से करीब 83% अधिक रह सकता है।