दिल्ली की कमान अब आतिशी के हाथ, केजरीवाल ने LG को सौंपा इस्तीफा, नई सरकार बनाने का किया दावा
दिल्ली का मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार, 17 सितंबर की शाम करीब 4.55 बजे उपराज्यपाल (LG) विनय सक्सेना को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया। इस मौके पर केजरीवाल के साथ आतिशी समेत सभी मंत्री मौजूद थे। दिल्ली सरकार ने 26 और 27 सितंबर को 2 दिन का विधानसभा सत्र बुलाया है।
इससे पहले आम आदमी पार्टी विधायक दल की बैठक में नई मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी के नाम पर मुहर लग गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) दोपहर 12 बजे नए मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा करेगी। शाम 4:30 बजे केजरीवाल उपराज्यपाल (LG) विनय सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। साथ ही नए मुख्यमंत्री के नाम की जानकारी देंगे। इसी हफ्ते नए मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित होगा।
शराब नीति केस के बाद लिया फैसला
मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफे का यह फैसला केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से शराब नीति केस में जमानत मिलने के बाद लिया। 13 सितंबर को उन्हें इस केस में राहत मिली थी, जिसके बाद 15 सितंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने की घोषणा की। केजरीवाल ने कहा था, "अब जनता तय करेगी कि मैं ईमानदार हूं या बेईमान। अगर जनता ने दाग धोया और विधानसभा चुनाव में जीत दिलाई, तो फिर से कुर्सी पर बैठूंगा।"
विधानसभा सत्र की तैयारी
दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय सत्र 26 और 27 सितंबर को बुलाया गया है, जहां नए मुख्यमंत्री के कार्यकाल का औपचारिक आगाज हो सकता है। पार्टी के अंदर इस परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हैं और आने वाले समय में AAP की राजनीतिक दिशा क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
कौन हैं आतिशी...
आतिशी दिल्ली की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा हैं। उनका पूरा नाम आतिशी मार्लेना है, लेकिन उन्होंने अपने नाम से "मार्लेना" हटा दिया है। वह दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री और विधायक भी हैं।
1. शिक्षा और प्रारंभिक जीवन
आतिशी का जन्म 8 जून 1981 को हुआ था। वह एक शिक्षित परिवार से आती हैं, जहां उनके माता-पिता दोनों शिक्षाविद रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से की और उसके बाद ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की, जहां उन्होंने रॉड्स स्कॉलर के रूप में अध्ययन किया। उन्होंने ऑक्सफोर्ड से इतिहास में डिग्री हासिल की।
2. AAP से जुड़ाव और राजनीतिक कॅरियर
आतिशी ने राजनीति में कदम रखने से पहले शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। 2013 में वह आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ीं और तब से पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक बन गईं। उन्हें दिल्ली के शिक्षा सुधारों में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। वह दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ काम कर चुकी हैं और शिक्षा नीति में अहम भूमिका निभाई है। 2020 में, आतिशी ने दिल्ली के कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और विधायक बनीं। इसके बाद, उन्हें दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।
3. शिक्षा सुधारों में भूमिका
आतिशी का सबसे बड़ा योगदान दिल्ली में शिक्षा सुधारों के क्षेत्र में रहा है। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार लाने के लिए कई नीतियों को लागू किया।
उन्होंने स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अध्यापकों के प्रशिक्षण और बच्चों के शैक्षिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद की। दिल्ली के सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं और पाठ्यक्रम में सुधार के लिए उनके कार्यों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
4. विवाद और चर्चाएं
राजनीति में उनके उत्थान के साथ ही उनका नाम कई विवादों से भी जुड़ा। 2019 के लोकसभा चुनावों में, वह पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़ीं, लेकिन वह चुनाव हार गईं। इसके बावजूद, उनकी राजनीति में सक्रिय भूमिका बनी रही।
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