एशियन गेम्स 2026 में दिखेगा भारत का दम, 314 खिलाड़ी करेंगे डेब्यू, वैभव सूर्यवंशी रचेंगे इतिहास
समझें क्या है पूरा मामला
- आइची-नागोया में 20वें एशियन गेम्स की शुरुआत हुई।
- प्रतियोगिता में 45 देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
- कुल 43 खेलों में 469 मेडल इवेंट आयोजित होंगे।
- भारत के 501 खिलाड़ी 36 खेलों में उतरेंगे।
- भारतीय दल में 314 खिलाड़ी पहली बार खेलेंगे।
जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स का 20वां एडिशन शुरू हुआ है। इसमें 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। कुल 469 मेडल इवेंट में मुकाबले होंगे। भारत के 501 खिलाड़ी 36 खेलों में उतरेंगे, जिनमें 314 पहली बार खेल रहे हैं। आर्चरी, हॉकी, स्क्वॉश और टेनिस से लॉस एंजेलिस ओलिंपिक 2028 का टिकट भी मिलेगा। भारत के लिए यह एशियन गेम्स खास हैं। दल में युवा चेहरों की भरमार है। कई खिलाड़ी पहली बार बड़े मंच पर उतरेंगे। एशियन गेम्स की शुरुआत भी भारत से ही हुई थी। पहला एडिशन 1951 में नई दिल्ली में हुआ था। तब सिर्फ 11 देशों ने 6 खेलों में हिस्सा लिया था। भारत 1951 और 1982 में इन गेम्स की मेजबानी कर चुका है।
भारत का दल कैसा है
भारत के 501 खिलाड़ी 36 खेलों में हिस्सा लेंगे। इनमें 267 पुरुष और 234 महिलाएं शामिल हैं। 314 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स खेल रहे हैं। यानी दल का 63 प्रतिशत हिस्सा नया है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी दल के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। वे क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं।
55 साल की श्रुति वोरा सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वे घुड़सवारी में उतरेंगी। एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 79 खिलाड़ी हैं। हॉकी में 40, क्रिकेट और शूटिंग में 30-30 खिलाड़ी हैं। कबड्डी में 24 और रोइंग में 22 खिलाड़ी शामिल हैं।
भारत कुल 256 इवेंट में चुनौती पेश करेगा। इनमें एथलेटिक्स के 43 और शूटिंग के 27 इवेंट शामिल हैं। बैडमिंटन में भारत 7 इवेंट में उतरेगा।
नए खेल भी हुए शामिल
इस बार 6 नए खेल मेडल स्पोर्ट बने हैं। इनमें मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल और सर्फिंग शामिल हैं।
टेकबॉल, वर्चुअल ताइक्वांडो और बीएमएक्स (BMX – Bicycle Motocross) फ्रीस्टाइल भी नए हैं।
मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में बॉक्सिंग और रेसलिंग जैसी तकनीकें इस्तेमाल होती हैं।
टेकबॉल में फुटबॉल और टेबल टेनिस का मेल है। वर्चुअल ताइक्वांडो में मोशन-ट्रैकिंग तकनीक इस्तेमाल होगी।
वहीं ड्रैगन बोट, रोलर स्पोर्ट्स और माइंड स्पोर्ट्स को इस बार हटा दिया गया है।
ओलिंपिक का टिकट भी दांव पर
आइची-नागोया गेम्स को 4 खेलों में ओलिंपिक क्वालिफिकेशन पाथवे बनाया गया है। ये हैं आर्चरी, हॉकी, स्क्वॉश और टेनिस। यह टिकट लॉस एंजेलिस 2028 ओलिंपिक के लिए मिलेगा।
स्क्वॉश में सिंगल्स चैंपियन को सीधे ओलिंपिक कोटा मिलेगा। हॉकी के चैंपियन को भी कोटा मिल सकता है। लेकिन इसके लिए उस खेल के अलग नियम भी लागू होंगे।
तैयारी पर खर्च हुए 703 करोड़
नवंबर 2023 से अगस्त 2026 तक भारत ने तैयारी पर करीब 703 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें सबसे ज्यादा 252 करोड़ रुपए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर खर्च हुए।
घरेलू ट्रेनिंग और कोचिंग कैंप पर 118 करोड़ रुपए खर्च हुए। खेल उपकरण पर 89 करोड़ और विदेशी कोच पर 86 करोड़ रुपए खर्च हुए। विदेशी ट्रेनिंग पर 40 करोड़ रुपए खर्च हुए। 30 खेलों के लिए 50 विदेशी विशेषज्ञ और कोच जोड़े गए। इनमें एथलेटिक्स के 14, हॉकी के 8 और शूटिंग के 5 विशेषज्ञ शामिल हैं।
किन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर
अनाहत सिंह वर्ल्ड जूनियर स्क्वॉश चैंपियन रह चुकी हैं।
वे टॉप-20 रैंकिंग में पहुंचने वाली सबसे युवा एशियाई महिला बनीं।
ईशा सिंह ने म्यूनिख वर्ल्ड कप में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।
ज्योति सुरेखा वेन्नम पिछले एशियन गेम्स में तीन गोल्ड जीत चुकी हैं।
गुलवीर सिंह के नाम 5000 और 10000 मीटर के भारतीय रिकॉर्ड हैं।
अविनाश साबले और पारुल चौधरी भी पिछली बार पदक जीत चुके हैं।
अंसी सोजन ने हाल ही में लॉन्ग जंप का पुराना भारतीय रिकॉर्ड तोड़ा है।
मीराबाई चानू और अमन सहरावत भी भारत की बड़ी उम्मीदें हैं।
भारत का मेडल इतिहास
1951 से 2022 तक भारत ने एशियन गेम्स में 778 मेडल जीते हैं। इनमें 183 गोल्ड, 238 सिल्वर और 357 ब्रॉन्ज शामिल हैं। ऑल टाइम मेडल टेबल में भारत पांचवें स्थान पर है। 2023 के हांगझोउ गेम्स में भारत ने पहली बार 100 का आंकड़ा पार किया था।
कुल 106 मेडल मिले थे, जिनमें 28 गोल्ड शामिल थे। यह अब तक की सबसे बड़ी मेडल टैली है। एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा है। यहां भारतीय खिलाड़ियों ने 283 मेडल जीते हैं। पी.टी. उषा के नाम सबसे ज्यादा 11 व्यक्तिगत मेडल हैं।
नागोया में आयोजन कैसा है
इस बार पारंपरिक एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ी होटल, कंटेनर हाउस और एक क्रूज शिप में रुकेंगे। मुकाबले जापान के 54 वेन्यू पर होंगे।
गेम्स की थीम है "एक एशिया की कल्पना"। भारत में इसका लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा। भारत के लिए यह गेम्स नए रिकॉर्ड बनाने का मौका हैं।
युवा खिलाड़ियों पर सबकी नजर रहेगी। अगले कुछ हफ्तों में पदकों की झड़ी लग सकती है।